- तेज हवा और बारिश होने के बाद लोगों को मिली राहत
कोरबा. दक्षिण छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक के साथ किसानों के चेहरे खिल गए हैं। शनिवार की शाम होते ही प्री मानसून बारिश से शहर व गांव तरबतर हो गए। मौसम विभाग के अनुसार दो से तीन दिन के भीतर कोरबा तक मानसून पूरी तरह पहुंच जाएगा।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले तीन से चार दिन तक भारी बारिश हो सकती है। शनिवार की शाम मौसम ने अपना मिजाज बदला। ठंडी हवाओं व गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश व बिजली हुई। सुबह तेज धूप व उमस भरी गर्मी से लोग हलाकान रहे। तेज हवा और बारिश होने के बाद लोगों ने राहत मिली। इधर मौसम विभाग के अनुसार दो से तीन के भीतर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
शनिवार को अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री रहा। न्यूनतम 25 डिग्री रहा। बारिश के बाद मौसम काफी सुहाना हो गया, इसका आनंद बारिश थमने के बाद लोगों ने घरों से बाहर निकल कर लिया। वातावरण में ठंडकता घुल गई है।
यहां सिस्टम हुआ सक्रिय
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण पश्चिम मानसून प्रदेश के दक्षिण के कुछ हिस्सों तक बढ़ा है। इसकी उत्तरी सीमा ठाणे-मुंबई, अहमदनगर, पूरी सहित कई हिस्सों तक है। एक कम दबाव का क्षेत्र उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी व बंगलादेश तक बना हुआ है। द्रोणिका पंजाब से लेकर झारखंड व पश्चिम बंगाल के आसपास है। उत्तरी एमपी और उसके आसपास १.५ किमी उंचाई पर चक्रवात बना हुआ है।
शहर में घंटों रही बिजली गुल
शनिवार को देर शाम तेज हवाओं के साथ बारिश के झोंके आए और शहर की बिजली गुल हो गई। मानसून पूर्व मेंटेनेंस के लिए कई-कई घंटे शहर की बिजली आपूर्ति ठप करके कार्य करने वाले बिजली विभाग के इंजीनियर मानसून की दस्तक देते ही फेल होते दिखाई दे रहे हैं। स्थिति यह है कि बारिश शुरू होने के साथ ही ऊर्जाधानी के टीपी नगर सहित कई प्रमुख क्षेत्रों में बिजली गुल हो गई।
सड़कों पर भी अंधेरा छा गया और लोगों को बारिश के दौरान आवागमन करने में भारी मुश्किल का सामना करना पड़ा। बिजली की आपूर्ति ठप होने से गर्मी में लोग हलाकान हैं और बिजली विभाग सुधार कार्य करने का दावा कर रहा है। शुक्रवार को भी दर्री क्षेत्र में बिजली की आंखमिचौली जारी रही। शहर में भी पिछले कई दिनों से यही स्थिति बनी हुई है। गंभीर बात ये है कि सबस्टेशनों में शिकायत भी दर्ज नहीं की जाती है।