अधिकारी-कर्मचारियों को घटना के बारे में बताया तो पुलिस दल बल के साथ आरोपियों के मोहल्ले पहुंच गई।
रायगढ़. खाकी वर्दी की धज्जियां उड़ाते हुए चार शराबियों ने एक आरक्षक को सरेराह बुरी तरह से पीट दिया। घटना के बाद आरक्षक जब थाने पहुंचा और अपने अधिकारी-कर्मचारियों को घटना के बारे में बताया तो पुलिस दल बल के साथ आरोपियों के मोहल्ले पहुंच गई।
इसके बाद फिल्मी स्टाइल में तीन आरोपियों को पकड़ कर थाने ले आई, लेकिन कुछ देर बाद ही पुलिस को आरोपियों को छोडऩा पड़ा। क्योंकि सैकड़ों की संख्या में आरोपी के परिजन, स्थानीय नेता व मोहल्लेवासी थाने पहुंच गए थे और थाने का घेराव कर जमकर हंगामा मचाया। इससे पुलिस को बिना अपराध दर्ज किए ही आरोपियों को छोडऩा पड़ा। घटना लैलूंगा थाना क्षेत्र की है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सुरेन्द्र भगत लैलूंगा थाने में आरक्षक के पद पर पदस्थ है। 31 मार्च की रात्रि करीब 9.30 बजे सुरेन्द्र कोतबा रोड स्थित भगत ढाबा खाना लेने गया था। वहां पर बाजारपारा निवासी चार लोग शराब पीकर गाली-गलौज कर रहे थे। तभी आरोपियों की नजर आरक्षक पर पड़ी और वे आरक्षक पर तंज कसने लगे।
इसके बाद चारों आरोपी पुलिस को गाली-गलौज करने लगे। आरक्षक ने जब इसका विरोध किया तो चारों तैश में आ गए इसके हाथ-मुक्का, लात घुसों से आरक्षक की जमकर पिटाई कर दिए। घटना के बाद आरक्षक जैसे-तैसे थाने पहुंचा और अपने अधिकारी-कर्मचारियों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद लैलूंगा थाना प्रभारी दल-बल के साथ बाजारपारा पहुंचे और तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को पकड़ कर थाने लाया गया।
दबाव में आकर आरोपियों को छोड़ा
जिस तरह पुलिस घटना के कुछ देर बाद ही आरोपियों को पकड़ कर थाने लाई थी उसी तरह पुलिस को कुछ ही घंटों में आरोपियों को छोडऩा पड़ा। पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपियों को थाने लाने के कुछ देर बाद ही सैकड़ों की संख्या में आरोपियों के परिजन, स्थानीय नेता व पूरा मोहल्ला थाने पहुंच गया।
इसके बाद रात में ही थाने का घेराव करते हुए जमकर हंगामा मचाया गया। इसके बाद धरमजयगढ़ एसडीओपी नेहा वर्मा भी मौके पर पहुंची और आरोपियों का मुलाहिजा कराकर बिना अपराध दर्ज किए ही उन्हें छोड़ दिया गया। हालांकि पुलिस सूत्र यह भी कह रहे थे कि देर शाम तक इस मामले में अपराध दर्ज कर लिया जाएगा।
-कुछ लोग आरक्षक के साथ मारपीट किए थे। इसके बाद तीन आरोपियों को थाने लाया गया था, लेकिन पूरा गांव आरोपियों का समर्थन करते हुए थाने पहुंच गए और हंगामा करने लगे। ऐसे में आरोपियों को छोड़ दिया गया है।
नेहा वर्मा, एसडीओपी, धरमजयगढ़