- सांसद के जरिए कोयला मंत्री पीयूष गोयल को ज्ञापन भेजा
कोरबा. सेंट्रल वर्कशॉप के कर्मचारियों ने कुसमुंडा प्रोजेक्ट में स्थानांतरित करने की मांग की है। साथ ही संडे ड्यूटी और ओवर टाइम बंद होने का ठिकरा यूनियन ने अफसरों पर फोड़ा है। यूनियन का आरोप है कि अफसर वर्कशॉप में काम नहीं करते। हाजिरी लगाकर गायब हो जाते हैं। सेंट्रल वर्कशॉप ट्रेड यूनियन के संयुक्त सलाहकार समिति के सदस्यों ने अपनी समस्या को लेकर सांसद डॉ. बंशीलाल महतो से मुलाकात की। सांसद के जरिए कोयला मंत्री पीयूष गोयल को ज्ञापन भेजा।
इसमें बताया गया है कि सेंट्रल वर्कशॉप कोरबा में 41 अधिकारी, मासिक वेतन भोगी कर्मचारी 68 एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी 375 है। इसमें अधिकांश अधिकारी सिर्फ बॉयोमैट्रिक्स में हाजिरी लगाने आते हैं और चले जाते हैं। ऐसे अधिकारियों द्वारा सामग्री उपलब्धता के लिए कोई कार्यवाही नहीं की जाती जिससे उत्पादन लगातार गिर रहा है। यहां संचालित रोलर शॉप व न्यू फाउंड्री शॉप से विगत कई महीनों से बंद है। उत्पादन ठप है। कंपनी को आर्थिक क्षति हो रही है। उत्पादन लगातार गिर रहा है।
इसके बाद बावजूद प्रबंधन अफसरों की पीआरपी राशि में बढ़ोत्तरी कर रहा है। कर्मचारियों की संडे ड्यूटी बंद की गई है। श्रमिक संगठन ने मांग की है कि सेंट्रल वर्कशॉप कोरबा को उत्खनन विभाग से मुक्त कर कुसमुंडा क्षेत्र में शामिल किया जाए। इस दौरान श्रमिक नेता अजय सिंह, रविनंदन चक्रवर्ती, बाबूलाल चंद्रा, दादुलाल राठौर, दिलीप सिंह, राजेश पांडे, दिनेश कुमार साहू, एनके साव, डीपी सिंह, दूजराम मिलन और उत्तम कुलदीप उपस्थित थे।