- पोर्टल में कोरबा जिले के शहरी इलाके में 67 की बजाए 58 वार्ड दर्शाया गया है।
कोरबा . जिले में २७२ स्कूलों में आरटीई की कुल ४३१६ सीटें है। पिछले साल की तुलना में सीटों की संख्या में इजाफा नहीं हुआ है लेकिन विभाग द्वारा वार्डों की सूची को लेकर जिस तरह बड़ी लापरवाही की गई है उससे अब तक सिर्फ 15 फीसदी ही आवेदन आए हंै। अभिभावक इसी फिक्र में है कि पहचान के लिए आखिर दस्तावेज कहां से जमा करें जबकि पोर्टल में 10 विकल्प दिया गया है।
एडूपोर्टल में नि:शुल्क शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत एडमिशन की प्रक्रिया चल रही है। इस पोर्टल में कोरबा जिले के शहरी इलाके में ६७ की बजाए ५८ वार्ड दर्शाया गया है। पुराने परिसीमन के हिसाब से पोर्टल में एडमिशन प्रक्रिया की जा रही है जबकि लोगों के वोटर आइडी, राशन कार्ड, आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेजों में अब नए परिसीमन के तहत जानकारी अपडेट हो चुकी है।
समस्या ये आ रही है कि नए परिसीमन वाले वार्ड क्रमांक में बेहतर स्कूल है लेकिन उनका वार्ड पुरानी सूची मेें दिखा रहा हैं। जबकि पुराने वार्ड क्रमांक में बेहतर स्कूल ही नहीं है। वहीं अगर किसी स्कूल में आवेदन भी करना है तो बच्चे की जो जानकारी अपडेट करनी है उसमें अब अड़चने आ रही है। अभिभावकों के पास ऐसा कोई दस्तावेज नहीं है जो कि पूराने वार्ड के हिसाब से हो। अगर नए वार्ड के हिसाब से जानकारी अपडेट कर दी जा रही है तो फार्म रिजेक्ट होने की संभावना बढ़ रही है। यहां तक की शिक्षा विभाग भी इसे लेकर नहीं बताया जा रहा है कि फार्म रिजेक्ट होगा या नहीं।
पार्षद की नहीं, सांसद- विधायक द्वारा प्रमाणित कॉपी ही मान्य
पते के प्रमाण पत्र के लिए पोर्टल ने कई प्रकार के विकल्प दिया है। जिसमें आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक, वोटर आइडी, ड्राइविंग लाइसेंस, गैस कनेक्शन बिल सहित अन्य विकल्प दिया है। लेकिन कोरबा शहरी क्षेत्र में वार्डों की उलटफेर सूची को देखते हुए अब लोगों की परेशानी बढ़ गई है। दरअसल अगर इस तरह कोई भी दस्तावेज अभिभावक के पास नहीं है तो उनको अपने सांसद, विधायक या फिर तहसीलदार के प्रमाण पत्र की जरूरत पड़ेगी। जिसमें पार्षद का प्रमाणित कॉपी चलेगा। ऐसे में लोग भटकने को मजबूर है।
पोर्टल में आने वाली परेशानी पर कुछ गाइडलाइन
-अगर आपके वार्ड के आसपास आरटीई के तहत कोई स्कूल नहीं दिखा रहा तो इसकी शिकायत नोडल अफसर से करें।
-बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र को सत्यापति करने के लिए अभिभावक खुद एक कोरे कागज में लिखकर इसे सत्यापित कर सकते हैं।
- यदि चुने हुए स्कूल में क्लास का नाम हरे रंग का दिखाई दे रहा होगा तो प्रक्रिया आगे बढ़े, अगर लाल रंग का दिखाई दे रहा होगा तो क्लास का चयन नहीं कर सकते।
-यदि आप माता-पिता का नाम लिख रहे हैं तो अभिभावक का नाम नहीं लिखना है और अगर अभिभावक का नाम लिख रहे हैं तो माता-पिता का नाम नहीं लिखना है।
-आवेदन करने के बाद मैसेज से रजिस्टे्रशन नंबर मिलेगा जो कि लॉटरी प्रक्रिया में काम आएगा।