
Hospital Violence Case: छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पोस्टमार्टम में देरी को लेकर एक गंभीर विवाद सामने आया, जिसने हिंसक रूप ले लिया। इस घटना में एक सरपंच पर मर्चुरी में कार्यरत कर्मचारी के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है, जिससे कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे आईसीयू में भर्ती करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, सिविल लाइन थाना क्षेत्र के ग्राम बेंदरकोना निवासी 35 वर्षीय लाल सिंह मंझवार का शव पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल लाया गया था।
बताया जा रहा है कि लाल सिंह सुबह अपने खेत की ओर गए थे, जहां उनके कुएं में गिरने की आशंका जताई गई। परिजन और ग्रामीण उन्हें बाहर निकालकर अस्पताल लाए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को मर्चुरी में रख दिया गया। इसी दौरान मृतक के परिजन और ग्रामीण, जिनमें गांव के सरपंच जयवीर सिंह ठाकुर भी शामिल थे, पोस्टमार्टम जल्द कराने की मांग करने लगे। उस समय मर्चुरी का स्टाफ पहले से एक अन्य शव की प्रक्रिया में व्यस्त था।
वरिष्ठ कर्मचारी बालचनैया ने परिजनों से थोड़ी देर इंतजार करने को कहा, लेकिन यह बात सरपंच को नागवार गुजरी। बताया जा रहा है कि बात बढ़ते-बढ़ते गाली-गलौज तक पहुंच गई और फिर सरपंच ने कर्मचारी के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि उन्होंने कर्मचारी का सिर पकड़कर दीवार में जोर से पटक दिया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मारपीट के बाद घायल कर्मचारी अपने साथियों के साथ सिविल लाइन थाने पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई, लेकिन तबीयत बिगड़ने पर उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। जांच में सामने आया है कि उसके सिर में खून का थक्का जम गया है, जिसके चलते उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और आईसीयू में उसका इलाज जारी है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सरपंच के खिलाफ मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।