-पांडा को सीएमडी का अतिरिक्त प्रभार -पांडा नए सीएमडी के चयन या कोल मंत्रालय के अगले आदेश तक इस पद पर बने रहेंगे
कोरबा. साउथ ईस्टर्न कोल फिल्ड लिमिटेड के सीएमडी बीआर रेड्डी शुक्रवार को सेवानिवृत्त हो गए। उनकी जगह कंपनी के फाइनेेंस डायरेक्टर एपी पांडा को सीएमडी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। पांडा नए सीएमडी के चयन या कोल मंत्रालय के अगले आदेश तक इस पद पर बने रहेंगे।
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शनिवार को उन्हें बिलासपुर मुख्यालय में विदाई दी गई। एक मार्च २०१६ को बीआर रेड्डी ने एसईसीएल में चेयरमेन कम मैनेजिंग डायरेक्टर का पदभार संभाला था। २७ माह तक रेड्डी कंपनी के सीएमडी रहे। मधुर वाणी और कुशल प्रशासनिक क्षमता से कार्य किया। इस अवधि में कंपनी ने उत्पादन के क्षेत्र में नया रिकार्ड बनाया। उनके कार्यकाल में गेवरा प्रोजेक्ट की वार्षिक उत्पादन क्षमता ४१ मिलियन टन से बढ़कर ४५ मिलियन टन पहुंच गई।
दीपका खदान के वार्षिक उत्पादन में चार मिलियन टन की बढ़ोत्तरी हुई। दीपका खदान से ३१ के बजाए ३५ मिलियन टन कोयला उत्पादन करने की स्वीकृति पर्यावरण मंत्रालय से मिली। कुसमुंडा खदान की उत्पादन क्षमता २६ से ३६ मिलियन टन करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी। मानिकपुर की उत्पादन क्षमता ३.५ मिलियन से ५.२५ मिलियन करने के लिए एसईसीएल को टर्म ऑफ रिफरेंस प्राप्त हुआ। उनका कार्यकाल प्रशासनिक सुधार की दुष्टि से भी महत्वपूर्ण रहा।
इस अवधि में सभी एरिया में बॉयोमेट्रिक्स हाजिरी दर्ज करने की प्रक्रिया चालू हुई। डिसेंट हाउसिंग स्कीम के तहत आवासों की मरम्मत चालू की गई है। कोरबा जिले को खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के लिए पांच हजार ३६८ टायलेट का निर्माण कराया।
दूसरी बार शुरू हुई सीएमडी की तलाश
एसईसीएल में रिक्त सीएमडी के पद को भरने के लिए पब्लिक इंटर प्राइजेज सेलेक्शन बोर्ड ने दोबारा प्रक्रिया चालू की है। उम्मदवारों से ३० जुलाई तक आवेदन मांगा है। साक्षात्कार के जरिए एसईसीएल के नए सीएमडी का चयन किया जाएगा। इसके पहले भी बोर्ड ने उम्मीदरों का साक्षात्कार लिया था। लेकिन कोई उम्मीदवार सीएमडी पद के लायक नहीं पाया गया था। बताते चले कि एसईसीएल में टेक्निकल डायरेक्टर का पद भी रिक्त है।
नीति निर्धारण पर असर
कंपनी में सीएमडी और टेक्निकल डायरेक्टर का पद रिक्त है। ये दोनों पद बेहद महत्वपूर्ण है। पद लंबे अर्से तक खाली होता है तो उसका असर उत्पादन और कंपनी के नीति निर्धारण पर पडऩा तय है।