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CG Analytical News : आखिर ऐसा क्या हुआ कि मनरेगा के 16 हजार कार्यों को करना पड़ा निरस्त, पढि़ए खबर…

लाखों रूपए की लागत से इन कार्यों को निरस्त करने से ग्रामीण क्षेत्रों के कार्य पटरी से उतर गई है।

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कोरबा

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Shiv Singh

Jul 01, 2018

CG Analytical News : आखिर ऐसा क्या हुआ कि मनरेगा के 16 हजार कार्यों को करना पड़ा निरस्त, पढि़ए खबर...

CG Analytical News : आखिर ऐसा क्या हुआ कि मनरेगा के 16 हजार कार्यों को करना पड़ा निरस्त, पढि़ए खबर...

मनरेगा में कार्य की रफ्तार इतनी धीमी कि बीते साल के 16 हजार कार्यों को करना पड़ा निरस्त
कोरबा. मनरेगा में कामकाज बेहद सुस्त गति से चल रहा है। विभाग ने बीते साल के 16 हजार कार्यों को शुरू ही नहीं कर सके। लिहाजा अब उनको निरस्त करना पड़ा। लाखों रूपए की लागत से इन कार्यों को निरस्त करने से ग्रामीण क्षेत्रों के कार्य पटरी से उतर गई है।

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सत्र २०१७-१८ मनरेगा के कार्यों के लिए फिसडड्ी साबित हुआ। शुरूआत से ही वित्तिय वर्ष पिछड़ा हुआ रहा। शुरूआत में रबी फसल के कारण किसान व मजदूर काम में नहीं पहुंचे। मई व जून दो माह रफ्तार पकड़ी ही थी की इसी बीच खरीफ फसलों के लिए जोताई व बोआई का काम शुरू हो गया। तब से लेकर अक्टूबर तक सिर्फ गिनती के ही काम चलते रहे। हर साल इस सीजन में मनरेगा के काम ठप्प पड़ जाते हैं।

अफसरों को उम्मीद थी की 15 अक्टूबर के बाद इसमें रफ्तार पकड़ेगी। पर दिसंबर तक महज १२ हजार मजदूर ही काम कर रहे थे। लगातार पिछड़ते देख सभी सीईओ को काम में तेजी लाने के साथ समय पर काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। बीते वित्तिय वर्ष में अधिकारियों ने 16 हजार से अधिक कार्यों को शुरू ही नहीं कर सके। अब अफसर बहाना बता रहे हैं कि कहीं जमीन की दिक्कत, तो कहीं किसी तरह की परेशानी की वजह से ऐसे कार्यों को शुरू नहीं किया जा सका। लिहाजा सभी १६ हजार कार्यों को निरस्त करना पड़ा है।

मजदूरों को सौ फीसदी भुगतान का दावा पर शिकायतों का अंबार
अधिकारियों का दावा है कि मनरेगा के अन्तर्गत कार्य करने वाले मजदूरों को सौ फीसदी भुगतान कर दिया गया है। किसी भी मजदूर का बकाया नहीं है। पर आएदिन ऐसी शिकायतें आ रही है जिसमें कई साल से मजदूरों का अब तक बकाया है। मजदूर फर्जी मास्टरोल के आलावा विलंब से भुगतान होने के कारण भी परेशान है। यह भी बड़ा कारण है की मनरेगा को लेकर मजदूर रूचि नहीं ले रहे हैं।

गांव में अधूरे रह गए विकास कार्य
मनरेगा के तहत गांव में प्रस्तावित विकास कार्य इस वर्ष नहीं हो पाएं। पांचो जनपद क्षेत्र में लगभग ३००० से अधिक तालाब, सड़क व दूसरे निर्माण कार्य होने थे। बड़े कार्यो के लिए जनपदवार सूची भी बनाई गई थी ताकि ये काम जल्द हो सकें। लेकिन इन्हीं बड़े काम को पूरा करने में विभाग पिछड़ गया। अब स्थिति ये है कि बनाएं जा रहे बजट में इन्हीं कार्यों को रखा जा रहा है।