CG Politics News: मंत्री लखन लाल देवांगन के कार्यक्रम के दौरान काफिले की गाड़ी पर पत्थर गिरने से हड़कंप मच गया। जांच में सामने आया कि बच्चों की शरारत के चलते यह घटना हुई।
CG Politics News: कोरबा के मानिकपुर चौकी क्षेत्र में स्थित साहू समाज भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब मंत्री लखन लाल देवांगन के काफिले में खड़ी एक गाड़ी पर अचानक पत्थर का छोटा टुकड़ा आ गिरा। घटना भले ही मामूली थी, लेकिन वीआईपी सुरक्षा से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस और प्रशासन तुरंत अलर्ट हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही मानिकपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी। आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की गई और मौके पर खेल रहे चार नाबालिगों को संदेह के आधार पर चौकी लाया गया। पुलिस ने बच्चों से अलग-अलग तरीके से पूछताछ की, ताकि घटना के पीछे की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
जांच के शुरुआती चरण में ही यह साफ हो गया कि यह कोई सुनियोजित पथराव नहीं था। पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वे भवन के पास खेल रहे थे और खेल-खेल में पत्थर उछाल रहे थे, तभी एक पत्थर अनजाने में काफिले की गाड़ी पर जा गिरा। इस खुलासे के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली, क्योंकि मामला किसी साजिश या सुरक्षा चूक से जुड़ा नहीं निकला।
घटना की जानकारी मिलते ही मंत्री लखन लाल देवांगन ने स्वयं संवेदनशीलता दिखाते हुए मानिकपुर चौकी प्रभारी से फोन पर बात की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह बच्चों के भविष्य का मामला है और जब घटना अनजाने में हुई है, तो उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। मंत्री के निर्देश के बाद पुलिस ने सभी नाबालिगों को समझाइश देकर उनके परिजनों के हवाले कर दिया।
चौकी प्रभारी परमेश्वर राठौर ने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की गई, लेकिन कहीं भी किसी प्रकार की साजिश, दुर्भावना या संदिग्ध गतिविधि के संकेत नहीं मिले हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वीआईपी सुरक्षा में किसी तरह की चूक नहीं हुई है।
हालांकि, एहतियात के तौर पर कार्यक्रम स्थल और उसके आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखी गई, ताकि भविष्य में इस तरह की कोई भी घटना दोबारा न हो।
छत्तीसगढ़ में मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों के कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाती है। वीआईपी मूवमेंट के दौरान स्थानीय पुलिस, इंटेलिजेंस यूनिट और प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय रहता है। किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या छोटी घटना को भी गंभीरता से लिया जाता है, क्योंकि इससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ सकते हैं।
पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा एजेंसियों ने ऐसे मामलों में त्वरित प्रतिक्रिया और जांच की प्रक्रिया को और मजबूत किया है। इसी का परिणाम है कि इस मामले में भी तुरंत कार्रवाई कर सच्चाई सामने लाई गई और यह स्पष्ट किया गया कि घटना पूरी तरह आकस्मिक थी।