कोरबा में पुलिस कर्मियों की छुट्टी रद्द कर दी गई है। जवानों को ड्यूटी पर बने रहने के लिए कहा गया है।
कोरबा. आठ घंटे की ड्यूटी और सप्ताहिक अवकाश सहित अन्य मांगोंं को लेकर शुरू हुआ पुलिस परिवार का आंदोलन तेजी से फैल रहा है। इससे पुलिस मुख्यालय और सरकार के होश उड़ गए है। सरकार ने आंदोलन कुचलने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। कोरबा में पुलिस कर्मियों की छुट्टी रद्द कर दी गई है। जवानों को ड्यूटी पर बने रहने के लिए कहा गया है। उन जवानों को भी छुट्टी पर जाने से रोक दिया गया है, जिनकी छुट्टी स्वीकृत हो गई थी और जो एक-दो दिन में जाने वाले थे। विभाग के फरमान से पुलिस कर्मियों में नाराजगी है।
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पुलिस कर्मियों की मांगों के समर्थन में रायपुर में २५ जून को धरना प्रदर्शन और रैली प्रस्तावित है। सरकार और पुलिस मुख्यालय को आशंका है कि सिपाही, हवालदार , सहायक उपनिरीक्षक, उप निरीक्षक सहित विभाग के अधीन नियोजित अन्य कर्मचारी छुट्टी लेकर धरना प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं। इसे भांपते हुए कोरबा के एसपी मयंक श्रीवास्तव ने सभी पुलिस कर्मियों की छुट्टी निरस्त कर दिया है।
नई छुट्टी स्वीकृति पर भी रोक लगा दी है। इससे उन कर्मचारियों की परेशानी बढ़ गई है, जो छुट्टी पर आने वाले दिनों में जाने का इरादा बना रहे थे। कोरबा पुलिस के अधीन नियोजित लगभग ५० कर्मचारी बारी-बारी छुट्टी पर जाने वाले थे। इसके लिए अवकाश स्वीकृत कराया था। ये कर्मचारी पुलिस लाइन से लेकर थाने और चौकी में पदस्थ हैं। एसपी के फरमान से कर्मचारियों की परेशानी बढ़ गई है।
- शादी में शामिल होने के लिए छुट्टी स्वीकृत अब निरस्त
एसपी के फरमान से कोतवाली थाने में पदस्थ एक ऐसा सिपाही भी प्रभावित हुआ है, जिसके घर भाई की शादी है। सिपाही ने शादी में शामिल होने के लिए छुट्टी स्वीकृत कराई थी। अब अवकाश निरस्त होने की सूचना ने बेचैन कर दिया है। भाई की शादी में शामिल होने के लिए अफसरोंं का चक्कर काट रहा है। छुट्टी बहाल करने की मांग कर रहा है।
- नहीं मिलेगी छुट्टी
विभागीय अफसरों का कहना है कि सामान्य कामकाज के लिए किसी भी पुलिस कर्मी को छुट्टी नहीं दिया जाएगा। यह आदेश अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। हालांकि अफसरों ने आपात स्थिति में छुट्टी देने की बात कही है। जिन कर्मचारियों ने छुट्टी स्वीकृत कराकर २० जून तक उपयोग नहीं किया है, उन्हें अवकाश पर जाने से रोक दिया गया है।
- नोटिस से हडकंप
इधर, बुधवार के धरना प्रदर्शन में शामिल पुलिस परिवार के कर्मचारियों को नोटिस से हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस कर्मी नोटिस को प्रताडऩा की दृष्टि से देख रहे हैं। उनका कहना है कि रैली में शामिल होना या नहीं होना परिवार का फैसला था। परिवार के निर्णय से पुलिस कर्मियों का क्या संबंध? हालांकि एसपी ने नोटिस का जवाब देने के लिए सात दिन का समय दिया है। अभी किसी भी कर्मचारी ने नोटिस का जबाव नहीं दिया है। बताते चले कि बुधवार को एसपी ने धरना प्रदर्शन और रैली में शामिल होने आए पुलिस कर्मियों के परिवार पर सख्ती दिखाई थी। पुलिस में ड्यूटी करने वाले परिवार के सदस्य को कारण बताओं नोटिस जारी किया था।
-पहले से स्वीकृत अवकाश का 20 जून तक उपयोग नहीं करने वाले कर्मचारियों की छुट्टियां निरस्त कर दी गई हैं। विशेष परिस्थितियों में ही अवकाश पर जाने की अनुमति होगी- कीर्तन राठौर, एएसपी कोरबा