CG Crime Update: घरेलू विवाद के बीच एक युवक ने दोस्त की पत्नी को देशी कट्टा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद किया।
CG Crime Update: कोरबा जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दोस्ती के नाम पर एक युवक ने कानून हाथ में लेते हुए अपने ही मित्र की पत्नी को देशी कट्टा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। घटना कटघोरा थाना क्षेत्र के बांधापारा गांव की है, जिसने एक बार फिर घरेलू विवादों में बाहरी हस्तक्षेप और अवैध हथियारों के इस्तेमाल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, बांधापारा गांव में एक दंपती के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। पति ने अपनी समस्या अपने दोस्त राजेश दुबे (43) से साझा की। लेकिन विवाद सुलझाने के बजाय राजेश ने इसे और गंभीर बना दिया। शुक्रवार रात वह अपने दोस्त के घर देशी कट्टा और कारतूस लेकर पहुंचा। घर में घुसते ही उसने महिला को हथियार दिखाकर डराया, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि उसने महिला के साथ मारपीट भी की।
घटना के दौरान पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही जटगा पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो यह मामला और गंभीर रूप ले सकता था। पुलिस ने आरोपी की तलाशी ली, जिसमें उसके पास से एक देशी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी मूल रूप से हमीरपुर जिले के हुसैन थाना क्षेत्र का निवासी है। उसने बताया कि करीब 10 साल पहले वह कट्टा-कारतूस लेकर कोरबा आया था और तब से इसे अपने पास छुपाकर रखा हुआ था। वर्तमान में वह कटघोरा क्षेत्र के बांधापारा गाड़ाफादा में रह रहा था।
इस मामले में एएसपी लखन पटले ने बताया कि पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद में आरोपी दोस्त हथियार लेकर पहुंचा और महिला को जान से मारने की धमकी देने लगा। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से अवैध हथियार बरामद किए।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। यह घटना सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज के लिए चेतावनी भी है। घरेलू विवादों में बाहरी लोगों का दखल खतरनाक साबित हो सकता है। अवैध हथियारों का लंबे समय तक बिना पकड़े रहना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है। छोटी-छोटी कहासुनी किस तरह गंभीर अपराध में बदल सकती है, यह इसका उदाहरण है।