
Lightning Strike:छत्तीसगढ़ में इन दिनों मानसून पूरी तरह सक्रिय है। प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है, वहीं आकाशीय बिजली भी जानलेवा साबित हो रही है। इसी बीच कोरबा जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। यहां धान रोपाई के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से तीन किसानों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है, जबकि मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, कटघोरा थाना क्षेत्र के ग्राम छुरी स्थित सलोरा बकरा बाजार के पास शनिवार को करीब 30 ग्रामीण खेत में धान रोपाई कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मौसम बदला और तेज गरज-चमक के बीच खेत की मेड़ पर आकाशीय बिजली गिर गई। इसकी चपेट में आने से बहोरन पाटले, लक्ष्मीचंद पाटले और श्याम साहू गंभीर रूप से झुलस गए।
हादसे के बाद खेत में मौजूद अन्य ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। सभी ने तत्काल तीनों घायलों को कटघोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। एक साथ तीन लोगों की मौत की खबर मिलते ही गांव में मातम छा गया।
घटना की सूचना मिलते ही कटघोरा थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शवों का पंचनामा तैयार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, शाम हो जाने के कारण पोस्टमार्टम नहीं हो सका। फिलहाल तीनों शवों को मर्च्यूरी में सुरक्षित रखा गया है। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। इस दर्दनाक हादसे के बाद छुरी समेत आसपास के गांवों में शोक की लहर दौड़ गई है।
मानसून के सक्रिय होने के साथ ही छत्तीसगढ़ के कई जिलों में आकाशीय बिजली (Sky Lightning In Chhattisgarh) गिरने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। मौसम विभाग भी लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े नहीं होने की सलाह दे रहा है।
इससे पहले 30 जून को बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सामरी पाठ क्षेत्र की ग्राम पंचायत अमटाही के वार्ड क्रमांक-1 दर्रीपारा में तेज बारिश और गरज-चमक के दौरान एक विशाल पेड़ पर आकाशीय बिजली गिर गई थी। बिजली गिरने का असर इतना तेज था कि पेड़ के पास स्थित मकान भूकंप की तरह हिल गया और उसकी दीवारों में दरारें पड़ गईं।
हादसे में घर के भीतर रखी आलमारी, फ्रिज सहित अन्य घरेलू सामान क्षतिग्रस्त हो गए। बिजली के तेज झटके से घर में मौजूद 4 बच्चों समेत कुल 7 लोग इसकी चपेट में आ गए। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और मुआवजे की मांग की है।