
कोरबा . शहर के लोगोंं को बार बार बिजली बंद होने की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद जगी है। वितरण कंपनी ने बिजली के तार को अंडर ग्राउंड बिछाने का निर्णय लिया है। इसकी स्वीकृति भी मिल चुकी है।
शुक्रवार को बिजली कर्मचारी महासंघ के प्रतिनिधियों की वितरण कंपनी के अधीक्षण अभियंता संजीव कुमार के साथ बैठक हुई। इसमें विभिन्न मांगों पर चर्चा की गई। बैठक में अधीक्षण अभियंता संजीव कुमार ने बताया कि कंपनी ने कोरबा नगर निगम क्षेत्र बिजली के तार को अंडर ग्राउंड करने का निर्णय लिया है। इसकी स्वीकृति मिल गई है। एक साल के भीतर कार्य पूरा करने की जानकारी अधीक्षण अभियंता ने दी है।
बिजली कंपनी की कॉलोनियों में भी अंडर ग्राउंड बिछाई जाएगी। बैठक में वितरण कंपनी के अधीन काम करने वाले ठेका कर्मचारियों को पहचान पत्र प्रदान करने का मामला भी उठा। संजीव कुमार ने आने वाले दिनों में सभी ठेका कर्मचारियों को पहचान पत्र उपलब्ध कराने का वादा किया। कंपनी के अधीन नियोजित कर्मचारियों को प्रमोशन देने पर भी सहमति बनी है। बैठक में श्रमिक नेता राधेश्याम जायसवाल, एसके मजूमदार, अजय मिश्रा, नरेन्द्र सिंह, नवरतन बरेठ, मनीष क्षत्रि, कांशी राव और आकाश पटेल आदि उपस्थित थे। बैठक अधीक्षण अभियंता के कान्फ्रेंस हॉल में आयोजित की गई थी।
दूर होगी बिजली गुल की समस्या
वितरण कंपनी योजना को मूर्त रूप देने में सफल होती है तो इसका लाभ शहर के लोगों को मिलेगा। हल्की हवा या बारिश के कारण बिजली बंद होने की समस्या से निजात मिल जाएगी। अंडर ग्राउंड केबलिंग एनटीपीसी की आवासीय कॉलोनी में है। इससे यहां लाइट जल्दी बंद नहीं होती।
समय से पहले 3728 मेगावाट बिजली का उत्पादन
कोरबा. कोरबा पश्चिम स्थित ५०० मेगावाट की इकाई ने उत्पादन का लक्ष्य हासिल किया है। इकाई से चालू वित्तीय वर्ष में तीन हजार ७२८ मेगा यूनिट बिजली का उत्पादन किया गया है। यूनिट से चालू वित्तीय वर्ष में तीन हजार ७२३ मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसे इकाई ने २१ दिन पहले ही प्राप्त कर लिया है। कंपनी के लक्ष्य हासिल करने से कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। बताया गया है कि इस साल कंपनी का पीएलएफ ९०.७८ फीसदी रहा है, जो समाप्त हुए वित्तीय वर्ष की तुलना में अधिक है। पिछले साल यूनिट का पीएलएफ ८५ फीसदी था।