कोरबा

टॉयलेट बनाने में लाखों के फर्जीवाड़े में इस तरह चतुराई से किया गया पुराने फोटो का इस्तेमाल

ऑनलाइन मॉनिटरिंग व्यवस्था पर अफसरों ने सेंध लगाते हुए

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Jun 11, 2018
ऑनलाइन मॉनिटरिंग व्यवस्था पर अफसरों ने सेंध लगाते हुए
ऑनलाइन मॉनिटरिंग व्यवस्था पर अफसरों ने सेंध लगाते हुए

कोरबा. एक हजार से ज्यादा शौचालयों को पूरा बताने के लिए अफसरों ने जिओ टैगिंग में पुराने फोटो को इस्तेमाल किया। ऑनलाइन मॉनिटरिंग व्यवस्था पर अफसरों ने सेंध लगाते हुए इस कारनामे को अंजाम दिया। बगैर शौचालय निर्माण के लगभग 1400 शौचालयों को पूरा दिखाकर आधा दर्जन अधिकारी-कर्मचारी व जनप्रतिनिधियों ने राशि की बंदरबांट कर ली है।


पाली ब्लॉक के जिन चार ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण होना था उसके हितग्राही की सूची जनपद पंचायत द्वारा पहले से ही तैयार कर ली गई थी। चैतमा, बांधाखार, बतरा और मानिकपुर इन चार गांव के मुख्य गांव में काम कराया गया। लेकिन इनके आश्रित छोटे-छोटे गांव में निर्माण में भ्रष्ट्राचार को अंजाम दिया गया। तीन स्तर में निर्माण की फोटो व राशि आहरित होती है।

जिसमेंं निर्माण होने से ठीक पहले उस जगह की फोटो अपलोड करनी होती है उसके बाद काम शुरू होने के बाद और फिर पूर्णता की फोटो। अधिकारियों ने काम शुरू करने के लिए पहले फोटो अपलोड किया। फिर जब काम शुरू कराने की बारी आई तो किसी दूसरी जगह का काम दिखा दिया गया। और पूर्णता में भी यही खेल खेला गया। इस घोटाले में जनपद पंचायत पाली सीईओ, पीओ, कम्प्युटर ऑपरेटर, रोजगार सहायक, सचिव व चार सरपंच सीधे तौर पर शामिल है।


हितग्राही का फर्जी अंगूठा लगाकर दे दी पूर्णता रिपोर्ट
शौचालय निर्माण पूर्ण होने के बाद हितग्राही से पूर्णता रिपोर्ट जनपद में जमा करनी होती है। उसके बाद राशि जारी होती है। चारों गांव के सरपंच व सचिव ने मिलकर हजारों हितग्राही के शौचालय की पूर्णता रिपोर्ट को कमरे मेें बैठकर खुद बना डाला। जनपद में जिन दस्तावेजों के आधार पर राशि जारी हुई उसमें सभी मेें हितग्राही के हस्ताक्षर और अंगूठें के निशान है। ऐसे में स्पष्ट है कि सरपंचों व सचिवों ने फर्जी तरीके से काम को अंजाम दिया।


रिपोर्ट पहुंची कलेक्टर के पास
शौचालय निर्माण में इस बड़े घोटाले के जांच रिपोर्ट अब जिला पंचायत से कलेक्टर के पास पहुंच गई है। जिसमें चारों ग्राम पंचायत में शौचालय निर्माण में गड़बड़ी के जिम्मेदारों का नाम है। बताया जा रहा है कि एक से दो दिनों के भीतर इस भ्रष्टाचार को अंजाम देने वाले अधिकारियों व कर्मचारियेां के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हो सकती है।

Published on:
11 Jun 2018 10:40 am