
भैसमा. उरगा-हाटी मार्ग व ग्राम पोड़ी बस स्टैंड मुख्य सड़क बारिश के कारण कीचड़ से सराबोर हो गया है। इस मार्ग पर चलना दुभर हो गया है। स्कूली बच्चे चलते वक्त फिसल कर गिर रहे हैं। उरगा-हाटी मार्ग का निर्माण कराया जा रहा है। प्रथम चरण में उरगा से नोनबिर्रा तक का निर्माण कार्य जारी है। इसके लिए जोगीपाली से भैसमा बाजार चौक तक मिट्टी डाला गया। बारिश होने से मिट्टी कीचड़ में तब्दील हो गई है। इससे लोगों को आवागमन करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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उरगा-हाटी मार्ग काफी व्यस्ततम मार्ग है। इसमें दिन-रात भारी वाहन, यात्री बसें व दोपहिया, चारपहिया वाहनों का दबाव बना रहता है। दो साल से खराब हो चुके इस मार्ग को सुधारने का कार्य अब किया जा रहा है लेकिन ठेकेदार द्वारा उक्त स्थल पर मापदंड के विरुद्ध चिकनी मिट्टी डाल दिए जाने से लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है।
चिकनी मिट्टी बारिश में कीचड़ का रूप ले चुकी है। इस मार्ग पर सर्वाधिक परेशानी साइकिल और दो पहिया वाहन चालकों को हो रही है। उक्त वाहनों के पहिये कीचड़ के कारण फिसल रहे हैं जिसके कारण दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। कई साइकिल व बाइक सवार फिसल कर चोटिल हो चुके हैं।
विद्यार्थी हो रहे घायल
भैसमा मार्ग से होकर स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर साइकिल से जाने वाली छात्राओं का संतुलन बिगडऩे से गिरकर घायल हो रहे हैं। वहीं इनके ड्रेस भी रोजाना गंदे हो रहे हैं।
फंस रहे चारपहिया वाहन
पाली. ग्राम पोड़ी बस स्टैंड मुख्य सड़क पर बारिश के कारण कीचड़ से सराबोर हो गया है, इससे आवागमन में लोगों को काफी परेशानी हो रही है। इस मर्गा पर वाहन तो दूर पैदल चलना मुश्किल हो गया है। कीचड़ के कारण दुपहिया वाहन चालक भी फैले कीचड़ के कारण दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। वहीं चारपहिया वाहन भी इसमें फंस रहे हैं। लोगों ने बताया कि बस स्टैंड में पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण कीचड़ हो रहा है।
ग्राम पंचायत द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। परिणाम स्वरूप आसपास के दुकानदार भी इससे काफी परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत द्वारा पानी निकासी हेतु स्थाई निराकरण नहीं किये जाने के कारण हर वर्ष बारिश के दिनों में ऐसी ही स्थिति निर्मित होती है। कीचड़ की वजह से अब तक कई लोग दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं।
यहां पहुंचने वाले यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग से स्कूली छात्र-छात्राएं भी आना-जाना करते हैं। कीचड़ की वजह से इनके कपड़े रोज खराब हो रहे हैं, वहीं कई छात्राएं सरस्वती साइकिल योजना के तहत मिली साइकिल से स्कूल आते-जाते हैं, जो कीचड़ भरे मार्ग में फिसल कर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं।