
बैकुंठपुर। कोरिया जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी (Paddy Procurement) की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। इस बार जिले में 3 नए उपार्जन केंद्र खुले हैं। ऐसे में अब यहां खरीदी केंद्रों की संख्या 24 हो गई है। खरीदी 15 नवंबर से होगी। वर्ष 2026-27 में धान बिक्री के लिए जिले के 24 हजार 116 किसानों ने पंजीयन कराया है। वहीं प्रशासन द्वारा दूसरे राज्यों से धान लाकर छत्तीसगढ़ में खपाने वालों पर कड़ी नजर रखने बॉर्डर पर चेक पोस्ट बनाए जा रहे हैं। यहां 24 घंटे टीम तैनात रहेगी। ऐसे में तस्करों का बचना मुश्किल होगा।
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करने 24 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं। जिसमें उपार्जन केंद्र मनसुख, पीपरडांड़ और बडग़ांव नए खोले गए हैं। बताया जाता है कि जिला प्रशासन की देखरेख में धान खरीदी से पहले प्रत्येक उपार्जन केंद्र में पंजीकृत किसानों के नाम, रकबा सहित अन्य जानकारी की सूचना चस्पा करनी होती है। बता दें कि धान खरीदी की अवधि 15 नवंबर से 15 जनवरी 27 तक निर्धारित है।
खरीदी से पहले जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित कर प्रभारी सहित अलग-अलग जांच टीम गठित होगी, जो धान खरीदी से संबंधित शिकायतों एवं समस्याओं का निराकरण करेंगी। जिले में मौजूदा खरीफ वर्ष में 38 हजार 179 हेक्टेयर रकबा पंजीकृत है। जिसमें 28 हजार 834.67 हेक्टेयर धान का रकबा बताया गया है। पंजीकृत किसानों (Registered Farmers) की संख्या 24 हजार 116 है। गौरतलब है कि धान खरीदी अवधि में दूसरे जिले एवं राज्यों से अवैध धान की आवक को रोकने सीमावर्ती मार्गों पर चेक पोस्ट दल तैनात किए जाएंगे, जहां 24 घंटे तीन पालियों में निगरानी की जाएगी।
धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन एवं कंप्यूटरीकृत रहेगी। किसानों का बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य होगा। टोकन व्यवस्था एवं बैंक खातों के सत्यापन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। धान खरीदी व्यवस्था की निगरानी के लिए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस आधारित वाहन ट्रैकिंग एवं ऑनलाइन डैशबोर्ड का उपयोग किया जाएगा।
आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित जामपारा में मनसुख क्षेत्र के ग्रामीण समर्थन मूल्य पर धान बिक्री करने आते थे। मनसुख में नए केंद्र खुलने से क्षेत्र के 12 गांव चिकल, बदनीशिरिया, पिपरिया, रोबो, धरमपुर, पोटेडांड़, माटीझरिया, टेंगनी, मदनपुर, अमरपुर, सुरसी और मनसुख के करीब 500 से ज्यादा पंजीकृत किसानों को धान बेचने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। पिछले साल तक मनसुख क्षेत्र के किसानों को धान बेचने के लिए 30 किलोमीटर दूर जामपारा समिति (बैकुंठपुर) आना पड़ता था, जिससे कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता था।
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी से पहले एग्रीस्टैक पंजीयन (Agri stack registration) कराया गया। इस दौरान 256 आवेदन निरस्त और 5406 किसानों का रकबा संशोधन हुआ है। जिले में सबसे ज्यादा किसान पटना उपार्जन केंद्र में 2466 पंजीकृत हैं। जबकि सबसे कम रामगढ़ उपार्जन केंद्र में 593 पंजीकृत हैं।