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Koria News: फॉरेस्ट विभाग ने कॉलोनी की जमीन को अपना बता पेश किया था दावा, कोर्ट ने कहा- ये आपकी नहीं, डेविड प्रकाश रॉबर्ट की है

Koria Land Dispute: कोरिया जिले के मिशन कॉलोनी भट्ठीपारा की जमीन पर बना था वन कर्मचारियों का आवासीय भवन, 50 साल पहले किया गया था निर्माण
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Land case in Koria

Koria news, कोरिया एसडीएम कोर्ट (Photo- Patrika)

बैकुंठपुर। कोरिया एसडीएम कोर्ट ने मिशन कॉलोनी भट्ठीपारा स्थित जमीन (Land Case) के प्रकरण में वन विभाग के दावे को अमान्य कर पक्षकार एवं मालिक डेविड प्रकाश राबर्ट के हक में फैसला सुनाया है। प्रकरण वन कर्मचारी आवासीय भवन 4, एच टाइप रेंजर क्वार्टर, वन परिक्षेत्र लिपिक भवन खपरैल (पुराना परिक्षेत्र कार्यालय) 1 नग, जो 50 साल पहले से निर्मित से संबंधित है। अपने हक में जमीन पाकर पक्षकारों में खुशी का माहौल है।

कोरिया वनमंडल ने दावा पेश किया गया था कि वनमंडल का गठन 1948 में हुआ था, उस समय से वन विभाग को जमीन आवंटित थी। जमीन का खसरा 391/1/ख और रकबा 0.2070 है। मामले में एसडीएम कोर्ट ने पक्षकार डेविड प्रकाश राबर्ट और वन विभाग को दस्तावेज पेश करने आदेश दिया गया था। डेविड राबर्ट की ओर से प्रस्तुत दस्तावेज (Land documents) में वर्ष 1954-55 मेें जमीन शंभू के नाम पर दर्ज है।

जमीन उनकी पत्नी महरजिया के नाम पर दर्ज होने के बाद प्रेम लता पति न्यूटन राबर्ट ने खरीदी थी, जो नामांतरण पंजी वर्ष 1974-79 तक दर्ज है। साथ ही वर्ष 1998 से 2004, 2006 से 2015 के रेकॉर्ड प्रस्तुत किए गए। जमीन मालिक प्रेमलता पति न्यूटन राबर्ट के डेविड प्रकाश राबर्ट पुत्र हैं। आवेदित भूमि की खरीदी-बिक्री (Land buy and sell) हो चुकी है।

वहीं दूसरी ओर वन विभाग की ओर से जमीन को अपनी संपत्ति साबित करने कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया। वन विभाग को दस्तावेज प्रस्तुत करने कई बार नोटिस (Notice to Forest Department) जारी किया गया था। एसडीएम कोर्ट ने प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर पहले जारी स्थगन आदेश को निरस्त करते हुए पक्षकार के पक्ष में फैसला सुनाया और वाद प्रकरण को नस्तीबद्ध कर दिया है।

Koria Land case: परिवार के बुजुर्गों ने दिया था किराए पर

पक्षकार के मुताबिक, वर्षों पहले उनके परिवार के बुजुर्गों ने उक्त जमीन वन विभाग को किराए पर दिया गया था। इसमें वन कर्मचारी आवासीय भवन चार, वन परिक्षेत्र लिपिक भवन खपरैल पुराना परिक्षेत्र कार्यालय (Forest Range) में रहते थे, जो 50 साल पहले से निर्मित थे। वर्तमान में उक्त भवन जर्जर होने के कारण कोई स्टाफ निवास नहीं करते हैं। जर्जर मकान गिरने के कगार पर थे, मरम्मत नहीं कराने पर किसी अनहोनी की घटना हो सकती थी।

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