Achievement: शत-प्रतिशत ई-केवाईसी का कार्य पूरा कर कोरिया जिले ने हासिल की बड़ी उपलब्धि, प्रदेश स्तर पर अभी औसत ई-केवाईसी 92 प्रतिशत
बैकुंठपुर. ग्रामीण विकास को नई गति देने के उद्देश्य से लागू की गई वीबीजी रामजी योजना के तहत कोरिया जिले ने तकनीकी पारदर्शिता की दिशा में बड़ी उपलब्धि (Achievement) हासिल की है। जिले में मनरेगा के अंतर्गत पंजीकृत सभी श्रमिकों का ई-केवाइसी कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। इसके साथ ही कोरिया प्रदेश का ऐसा पहला जिला बन गया है, जिसने निर्धारित समय में यह लक्ष्य हासिल किया है।
कलेक्टर चंदन त्रिपाठी के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन और पंचायत अमले के समन्वित प्रयासों से जिले की सभी ग्राम पंचायतों के पंजीकृत श्रमिक परिवारों के प्रत्येक सदस्य का आधार आधारित ई-केवाइसी कार्य पूरा किया गया। प्रदेश स्तर पर अभी औसत ई-केवाइसी लगभग 92 प्रतिशत है, जबकि कोरिया जिले ने 100 प्रतिशत लक्ष्य (Achievement) हासिल कर नई मिसाल पेश की है।
मनरेगा से उन्नत होकर वीबीजी रामजी योजना की दिशा में आगे बढ़ते हुए योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इसके अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों का आधार आधारित ई-केवाइसी किया गया है, जिससे अब ऑनलाइन पोर्टल पर दैनिक उपस्थिति आधार के अनुसार व्यक्तिवार (Achievement) दर्ज की जाएगी।
कलेक्टर चन्दन त्रिपाठी ने कहा कि यह उपलब्धि जिले के उन हजारों श्रमिकों के पसीने का सम्मान है। उन्होंने बताया कि वीबीजी रामजी योजना ग्रामीणों की तकदीर व तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी।
जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि राज्य कार्यालय के निर्देशानुसार प्रदेशभर में ई-केवाइसी अभियान चलाया जा रहा है। इस क्रम में प्रदेश की 146 जनपद पंचायतों में सबसे पहले जनपद पंचायत सोनहत ने शत-प्रतिशत ई-केवाइसी कार्य पूरा किया। इसके बाद जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर (Achievement) ने भी यह उपलब्धि हासिल कर ली।
कोरिया जिले में कुल 80 हजार 226 पंजीकृत श्रमिक हैं। इनमें जनपद पंचायत सोनहत के अंतर्गत 22 हजार 306 तथा जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर के अंतर्गत 57 हजार 919 श्रमिक पंजीकृत हैं। इन सभी का आधार (Achievement) के अनुसार ऑनलाइन पोर्टल पर ई-केवाइसी कार्य पूर्ण कर लिया गया है।