कोरीया

अभी ठीक से चेहरा भी नहीं देख पाई थी मां, नर्स की लापरवाही से डस्टबीन में गिरकर बच्चे की हो गई मौत

नर्स पर कार्रवाई नहीं किए जाने से आक्रोशित मितानिनों ने चिलचिलाती धूप में अस्पताल का घेराव कर करीब दो घंटे तक की नारेबाजी
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Hoop of hospital
Hoop of hospital

बैकुंठपुर. जिला अस्पताल में नर्स की लापरवाही से डस्टबीन में गिरने से मौत के मामले में 3 महीने तक किसी प्रकार कार्रवाई व जांच नहीं होने से आक्रोशित मितानिनों ने बुधवार को जिला अस्पताल का घेराव किया। इस दौरान अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चिलचिलाती धूप में करीब २ घंटे तक खड़ी होकर मितानिन का बयान दर्ज कराया।


मितानिन कार्यक्रम व जन समुदाय ने सुबह करीब ११ बजे घड़ी चौक से एकजुट होकर रैली निकाली और नारेबाजी कर जिला अस्पताल का घेराव करने पहुंची। अस्पताल परिसर में करीब दो घंटे तक धूप में खड़े होकर नारेबाजी कर मितानिन का बयान दर्ज कराया। वहीं मामले में किसी प्रकार की कार्रवाई व जांच नहीं होने के कारण जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

धरना प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद कोतवाली से बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। मितानिनों का कहना है कि लापरवाह नर्सिंग स्टाफ को बचाने के लिए पूरा स्वास्थ्य अमला जुटा हुआ है। इससे तीन महीने तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं जा सकी है।


प्रसव कक्ष की सफाई कराने दबाव बनाया
पीडि़ता ने मामले को लेकर कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत दर्ज कराई थी। कलेक्टर के निर्देश के बाद सीएमएचओ ने ५ मार्च को सिविल सर्जन का पत्र लिखकर ३ दिन के भीतर जांच रिपोर्ट मांगी थी। सीएमएचओ ने अपने पत्र में गर्भवती महिला के सहयोगी से प्रसव कक्ष की सफाई कराने दबाव बनाने और प्रसव के बाद लापरवाही पूर्वक नवजात को डस्टबीन में गिरने से मौत होने का उल्लेख किया गया है। बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने आज तक मामले में जांच व कार्रवाई नहीं की है। वहीं मामले में अस्पताल प्रबंधन डॉक्टर्स, नर्स व अन्य स्टाफ का बयान दर्ज करने की बात कह रहा है।


यह था मामला
ग्राम पंचायत सरभोका निवासी सुनीता पति आनंद सिंह को प्रसव पीड़ा होने पर 4 जनवरी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस दौरान प्रसव के बाद नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही से नवजात डस्टबीन में गिर गया और उसकी मौत हो गई थी।

मामले में लापरवाह नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई करने कलेक्टर, सीएमएचओ, कोतवाली प्रभारी को शिकायत पत्र सौंपकर कार्रवाई की गुहार लगाई गई थी। बावजूद तीन महीने बाद भी किसी प्रकार की कार्रवाई व जांच नहीं की जा सकी है।

Updated on:
29 Mar 2018 04:23 pm
Published on:
29 Mar 2018 04:23 pm