कोरीया

Bus fraud: 3 नई एसी बस बनाने ले लिए 55 लाख, न बस बनाई और न रुपए दिए, आरोपी इंदौर से गिरफ्तार

Bus fraud: पीडि़त ने थाने में दर्ज कराई मामले की रिपोर्ट, पुलिस ने आरोपी के इंदौर स्थित ठिकाने पर दी दबिश, अन्य लोगों से भी कर चुका था ठगी

2 min read
Bus fraud accused arrested

बैकुंठपुर। कोरिया जिले के एक व्यक्ति से एसी बसों की 3 चेचिस लेकर उसकी बॉडी कंस्ट्रक्शन के नाम पर 55 लाख की ठगी की गई। आरोपी ने कहा था कि 3 बसें (Bus fraud) तैयार कर वह तय समय तक देगा। नहीं देने पर प्रतिदिन 13 हजार रुपए का हर्जाना देगा। तय समय पर वह बस तो नहीं दे सका, लेकिन हर्जाने की रकम देने में भी टालमटोल करने लगा। इसकी रिपोर्ट पोड़ी थाने में दर्ज कराई गई। इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को इंदौर से गिरफ्तार किया है।

कोरिया जिले की पोड़ी पुलिस के मुताबिक चिरमिरी निवासी प्रार्थी मो. शोयब ने अशोक लीलैण्ड बस की 3 चेचिस को स्लीपर एसी बस बॉडी निर्माण कराने मो. वसीम मकान नंबर 51, सम्राट नगर खजराना कनाडिया इंदौर मध्यप्रदेश को 18 फरवरी 2024 को दिया था। आरोपी (Bus fraud) वसीम ने 95 दिन में बस की बॉडी बनाकर देने का आश्वासन दिया था।

करार में यह भी शर्त थी कि तय तिथि तक बस नहीं देने पर प्रतिदिन 13 हजार रुपए बतौर हर्जाना देगा। मो. शोयब ने 3 चेचिस उसे दे दिया और फाइनेंस कंपनी से लोन लेकर 2 किश्तों में 55 लाख भुगतान कर दिया।

लेकिन तय समय पर बस की बॉडी (Bus fraud) बनाकर नहीं दी। आरोपी तबीयत खराब होने का हवाला देकर टालमटोल करता रहा। हर्जाना की रकम की याद दिलाने पर अंतिम भुगतान के समय राशि से कटौती की बात कही।

इकरारनामा तैयार कर बस देने की हुई बात

मामले (Bus fraud) में 20 जुलाई 24 को नोटरी के समक्ष इकरारनामा तैयार कर 30 अगस्त 2024 तक तीनों चेचिस को पूरा करने करार हुआ। आरोपी वसीम 36 लाख रुपए आरके बॉडी बिल्डर्स एवं रिपेयर इंदौर एवं अन्य खाते में प्राप्त कर चुका था। शेष राशि वाहन तैयार होने पर देने की बात कही थी।

परन्तु वाहन बनने के पहले ही सामान क्रय करने के नाम पर 26 दिसंबर 2024 तक 55 लाख 13 हजार 290 रुपए ले लिए, लेकिन बसें नहीं दी। इसी बीच प्रार्थी मो. शोयब की 23 लाख वाहन के लिए फाइनेंस की ब्याज एवं किश्त शुरू हो गई। फाइनेंस कंपनी ने बॉडी निर्माण के उपयोग में आने वाले सामान का बिल मांगा, लेकिन आरोपी (Bus fraud) ने नहीं दिया।

Bus fraud: तीनों बसें भी जब्त

मो. शोयब ने बताया कि मो. वसीम (Bus fraud) ने भुगतान का बिल ट्रेड सर्टिफिकेट वाला जीएसटी बिल और न ही एआरआई व 22 बी सर्टिफिकेट दिया। मामले में पोड़ी पुलिस की टीम ने शुक्रवार को आरके बॉडी बिल्डर्स एवं रिपेयर इंदौर में दबिश दी। जहां से संचालक मो. वसीम को गिरफ्तार कर तीनों बस को जब्त कर लिया है।

चर्चा है कि इंदौर के स्टार चौक के पास स्थित मोहम्मद वसीम पार्टनर आरके बॉडी बिल्डर न्यू रॉयल कोच एवं प्रगति कोच के नाम पर फर्जी फर्म बनाकर कई बस मालिकों से ठगी (Bus fraud) कर चुका है। कार्रवाई में एएसआई सुनील सिंह, रविन्द्र कुर्रे, विनोद तिवारी, अशोक एक्का, जुनास एक्का शामिल थे।

Published on:
12 Apr 2025 08:03 pm
Also Read
View All

अगली खबर