
बैकुंठपुर। सरगुजा संभाग में हाथियों का उत्पात जारी है। इसी बीच कोरिया जिला स्थित गुरु घासीदास तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व क्षेत्र में सडक़ निर्माण कार्य में लगे 2 मजदूरों (Elephants killed 2 Man) को रविवार की रात हाथियों ने कुचलकर मार डाला। दोनों रात में सडक़ किनारे सो रहे थे। इसी दौरान हाथियों का दल वहां पहुंच गया और उनपर हमला कर दिया। हाथियों को देख अन्य मजदूरों ने भागकर अपनी जान बचाई। बताया जा रहा है कि एक युवा मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आगे की प्रक्रिया पूरी की।
कोरिया जिले के रामगढ़ से कोटाडोल तक करीब 27 किलोमीटर सडक़ निर्माण (Road construction) का कार्य इन दिनों चल रहा है। इसमें काफी संख्या में मजदूर कार्यरत हैं। एमसीबी जिले के ग्राम नगर निवासी 22 वर्षीय गौरव और 35 वर्षीय अमर भी सडक़ निर्माण कार्य में लगे थे।
रविवार को काम खत्म होने के बाद रात में खाना खाकर अन्य मजदूरों के साथ दोनों ग्राम देवशील के पास सडक़ किनारे चादर बिछाकर सोए थे। इसी दौरान रात करीब 11.30 बजे हाथियों का दल (Elephants team) वहां आ पहुंचा और दोनों के ऊपर हमला कर दिया।
हाथियों ने गौरव और अमर सिंह को कुचल दिया। इससे गौरव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अमर गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में उसे सोनहत अस्पताल ले जाया जा रहा था, इसी दौरान उसकी रास्ते में ही मौत (Death on the way) हो गई।
रात में हाथियों के हमले (Elephants attack) के दौरान अन्य मजदूर भी वहां मौजूद थे। उन्होंने हाथियों को देखा तो वे किसी तरह से वहां से जान बचाकर भाग निकले। इसकी सूचना रात में ही वन विभाग के अधिकारियों को दी गई। सूचना मिलते ही ठेकेदार समेत वन अमला मौके पर पहुंचा। इस दौरान घायल अमर सिंह को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी भी जान नहीं बच पाई।
टाइगर रिजर्व क्षेत्र में हाथियों के कई दल अलग-अलग विचरण कर रहे हैं। वन विभाग (Forest Department) ने क्षेत्र में रह रहे ग्रामीणों को सतर्क करते हुए कहा है कि वे जंगल की ओर न जाएं। इधर सोमवार को पीएम पश्चात दोनों मजदूरों का शव उनके परिजन को सौंप दिया गया। वन विभाग द्वारा तात्कालिक सहायता राशि देने के साथ ही मुआवजा प्रकरण भी तैयार किया जा रहा है।