कोरीया

Ration scam: 11 लाख रुपए का चावल और नमक का घोटाला, राशन दुकान संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज

Ration scam: फूड इंस्पेक्टर व नायब तहसीलदार ने की कार्रवाई, कई दिनों तक राशन का दुकान नहीं खोलता था संचालक, हितग्राहियों के अंगूठे का निशान लगवाकर नहीं देता था राशन
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Chhattisgarh PDS Scam
राशन (प्रतीकात्मक तस्वीर)

बैकुंठपुर। शासकीय उचित मूल्य दुकान में 11 लाख रुपए के खाद्यान्न घोटाला करने वाले संचालक के खिलाफ अपराध दर्ज कराई गई है। मामले (Ration scam) की जांच फूड इंस्पेक्टर व नायब तहसीलदार की संयुक्त टीम ने की थी। जांच में स्टॉक से भारी मात्रा में चावल व नमक गायब मिला। बताया गया कि हितग्राहियों से अंगूठा लगवाकर संचालक उन्हें राशन नहीं देता था। जांच रिपोर्ट के आधार पर राशन दुकान संचालक के खिलाफ पटना पुलिस ने अपराध दर्ज किया है।

कोरिया जिले के पटना ब्लॉक के ग्राम पंचायत तेंदुआ स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान की खाद्य निरीक्षक एवं नायब तहसीलदार की संयुक्त टीम जांच करने पहुंची थी। इस दौरान दुकान के स्टॉक से करीब 10 लाख 95 हजार मूल्य का चावल और नमक गायब (Ration scam) पाया गया। जांच टीम ने 3 दिन तक दुकान का भौतिक सत्यापन किया।

उनकी रिपोर्ट के मुताबिक चावल 275.08 क्विंटल कम मिला। गायब चावल का मूल्य लगभग 10 लाख 86 हजार 816 रुपए है। वहीं नमक 7.73 क्विंटल कम मिला, जिसका मूल्य लगभग 8 हजार 28 रुपए आंका गई है। राशन दुकान से कुल 10 लाख 94 हजार 845 रुपए का खाद्यान्न स्टॉक से गायब (Ration scam) है।

मामले में खाद्य निरीक्षक अनीता के आवेदन पर दुकान संचालक रमाशंकर साहू के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

Patna police station

शासकीय उचित मूल्य दुकान (Ration scam) तेंदुआ का मां लक्ष्मी महिला स्वयं सहायता समूह के माध्यम से संचालन किया जा रहा है। समूह की अध्यक्ष सरिता साहू पति रमाशंकर साहू, सचिव चंद्रमनी पति शिव कुमार और विक्रेता रमाशंकर साहू पिता रामसुभग साहू हैं।

Ration scam: अंगूठा लगवाकर फर्जी राशन वितरण

जांच में यह भी सामने आया कि विक्रेता रमाशंकर साहू दुकान नियमित रूप से नहीं खोलता था। कई हितग्राहियों को बिना अनाज दिए ही अंगूठा लगवाकर वितरण (Ration scam) दिखाया जाता था, जो सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश 2016 की विभिन्न धाराओं का गंभीर उल्लंघन है। संयुक्त टीम ने जांच रिपोर्ट प्रस्तुत किया था।

उसी के आधार पर कलेक्टर कार्यालय ने दुकान संचालक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने निर्देश दिए। मामले में थाना पटना में अपराध पंजीबद्ध किया गया है। थाना प्रभारी ने प्रधान आरक्षक सतेंद्र तिवारी को विवेचना अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी है।

Updated on:
29 Nov 2025 07:47 pm
Published on:
29 Nov 2025 07:47 pm