कोरीया

Koria News: एसईसीएल ने चिरमिरी में रातों-रात खोद दी सडक़, लिखा- आगे रास्ता बंद है, शहर के 4500 लोग परेशान

Koria Road News: एसईसीएल प्रबंधन के निर्णय के खिलाफ विरोध जता रहे शहरवासी, चिरमिरी से बरतुंगा जाने वाली सडक़ को खोदा, पूर्व विधायक ने कहा यह शर्मनाक कृत्य, जल्द रास्ता खोलें वरना करेंगे आंदोलन
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Chirimiri-Bartunga road closed by SECL
Koria news, सडक़ पर गड्ढा खोदकर बंद किया आवागमन (Photo- Patrika)

चिरमिरी। एसईसीएल प्रबंधन ने नगर निगम चिरमिरी से बरतुंगा जाने वाली सडक़ को खोद कर आवागमन बंद कर दिया है। इससे शहर के 2 वार्डों में रहने वाले 4 हजार 500 से ज्यादा लोग परेशान हैं। सडक़ बंद (Road closed in Chirimiri) होने से स्थानीय जनता की सुरक्षा और उनकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो गई है। रहवासियों का आरोप है कि एसईसीएल ने बिना सूचना के यह निंदनीय कार्य किया। लोगों ने जिला प्रशासन, नगर निगम चिरमिरी एवं एसईसीएल प्रबंधन से गुहार लगा जल्द सडक़ खोलने की मांग रखी है। लोगों का कहना है कि छोटी बाजार से बरतुंगा के लिए जाने वाली रात के अंधेरे में खोद दिया गया है। जबकि वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था भी नहीं की गई। जो रास्ता वैकल्पिक मार्ग के लिए बनाया गया है, वह 7 किलोमीटर लंबा है। साथ ही बीच में जंगल और बड़ी गाडिय़ों की उस मार्ग पर आवाजाही है। बरतुंगा में डीएवी स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को परिजन दोपहिया वाहन से जंगल होकर स्कूल पहुंचा रहे हैं।

गौरतलब है कि एसईसीएल चिरमिरी क्षेत्र (SECL Chirimiri Area) के चिरमिरी से बरतुंगा सडक़ मार्ग के नजदीक ओपन कास्ट माइंस संचालित है। ब्लास्टिंग सहित बारिश के मौसम में माइंस एरिया में जगह-जगह दरारें पड़ गई है। लगातार बारिश से कुछ जगहों पर भू-स्खलन और गैस निकलने की जानकारी मिलती रहती है। इससे चिरमिरी से बरतुंगा जाने वाले मार्ग से गुजरना खतरनाक है।

एसईसीएल प्रबंधन ने सुरक्षा को ध्यान में रखकर जुलाई के पहले सप्ताह में सडक़ मार्ग को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है। हालांकि आवागमन करने के लिए नया रास्ता बनाया गया है। लेकिन नई अस्थायी सडक़ से लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी। ऐसे में करीब ४५०० से ज्यादा आबादी और डीएवी के 800 से ज्यादा विद्यार्थी-शिक्षकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

Koria news, एसईसीएल ने गड्ढा खोदा और लगा दिया बैनर (Photo- Patrika)

फिलहाल बरतुंगा में कर्मचारी, व्यापारी सहित आम जनता का आवागमन होता है। मामले में स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और एसईसीएल (SECL) से सुरक्षित, सुविधाजनक वैकल्पिक सडक़ मार्ग उपलब्ध कराने सहित क्षतिग्रस्त सडक़ की मरम्मत करा जल्द आवागमन के लिए खोलने गुहार लगाई थी। बावजूद डेढ़ महीने में कोई ध्यान नहीं दिया गया है।

SECL dug road: यह है नया सडक़ मार्ग

एसईसीएल प्रबंधन के मुताबिक चिरमिरी से बरतुंगा जाने वाली सडक़ पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त है, जो आवागमन के लिए अत्यंत खतरनाक है। इसलिए इस सडक़ मार्ग को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। आम जनता के आवागमन के लिए नया परिवर्तित मार्ग बनाया गया है, जो गांधी ग्राउंड से होकर फलवरिया नाला, कोठारी कॉलोनी से बरतुंगा पहुंचाएगा।

प्रबंधन ने आम जनता से कहा है कि अपनी जान की सुरक्षा सुनिश्चित करें और वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करें। विशेषज्ञों की सलाह के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी। क्षतिग्रस्त मार्ग (Shabby road) आवागमन करने लायक होगा तो आगे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

पूर्व विधायक बो- यह शर्मनाक कृत्य

पूर्व विधायक विनय जायसवाल का कहना है कि एसईसीएल प्रबंधन ने रात के अंधेरे में चोरों की तरह सडक़ को खोद दिया है। महापौर को इसकी जानकारी तक नहीं दी गई है। यह शर्मनाक कृत्य है। फिलहाल बरतुंगा में जब तक वैकल्पिक पक्की सडक़ नहीं बनेगी, तब तक इस सडक़ को तत्काल लेवलिंग कर दो वार्डों के लोगों को आवागमन कराया जाए। अन्यथा हम लोग बड़ा आंदोलन करेंगे।

रातों-रात गड्ढे खोदने की जानकारी नहीं

चिरमिरी महापौर (Chirimiri Mayor) रामनरेश राय का कहना है कि इस सडक़ के विषय में पहले एसडीएम, सीएसपी, बरतुंगा सब एरिया के साथ बैठक हुई थी। वैकल्पिक सडक़ व्यवस्था के तौर पर गांधी ग्राउंड के पास से रास्ता बनाया गया है। उस पर बात हुई थी। परंतु रातों-रात सडक़ खोदा गया है, इसकी जानकारी नहीं है।

Updated on:
17 Aug 2026 07:53 pm
Published on:
17 Aug 2026 07:53 pm