Water sample in liquor bottle: नगर निगम चिरमिरी में पीलिया का है प्रकोप, ड्रग एंड फूड सेफ्टी विभाग की टीम ने पहुंचकर लिया पानी का सैंपल, 3 दिन में जांच रिपोर्ट आने की कही जा रही है बात
बैकुंठपुर। नगर निगम चिरमिरी में पीलिया (Jaundice) फैलने के 3 सप्ताह बाद रायपुर और अंबिकापुर से ड्रग एवं फूड सेफ्टी टीम जांच करने पहुंची। इस दौरान फिल्टर प्लांट और पीलिया प्रभावित एरिया छोटी बाजार से अलग-अलग सैंपल कलेक्शन किया है। सैंपल की जांच रायपुर लैब में कराई जाएगी। रिपोर्ट 3 दिन में आने की बात कही जा रही है। इधर टीम द्वारा नामी कंपनी के अंग्रेजी शराब की बॉटल में पानी का सैंपल (Water sample in liquor bottle) लिया गया है। इसे लेकर भी लोग तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि पानी का सैंपल लेने के लिए विभाग के पास कोई दूसरी चीजें नहीं थी क्या?
नगर निगम के छोटी बाजार के आधा दर्जन वार्डों में पीलिया फैला हुआ है। इस अवधि में 200 से अधिक मरीज पीडि़त पाए गए हैं। साथ ही 2 मरीजों की मौत (Water sample in liquor bottle) हो चुकी है। मामले में रायपुर, अंबिकापुर और कोरिया से ड्रग एवं फूड सेफ्टी टीम पहुंची। टीम ने पोड़ी फिल्टर प्लांट, टंकी और पीलिया प्रभावित एरिया से पेयजल का सैंपल लिया है।
सैंपल को कोल्ड चैन सिस्टम से रायपुर भेजा गया है। जहां माइक्रो बॉयोलॉजिकल लैब में टेस्टिंग कराई जाएगी। इसकी 3 दिन में जांच रिपोर्ट आएगी। उसी आधार पर पता चलेगा कि पीने के पानी में दूषित है या नहीं। फूड सेफ्टी ऑफिसर विनोद गुप्ता ने बताया कि पेयजल का सैंपल लेकर रायपुर लैब भेजा गया है। इसकी 3 दिन में रिपोर्ट आएगी।
छोटी बाजार एरिया में पीलिया फैलने (Water sample in liquor bottle) के बाद 2 सप्ताह से डोर-टू-डोर सर्वे और कैंप लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 2 हजार 294 से अधिक घरों का सर्वे कर अब तक 7 हजार 725 लोगों की सेहत जांच कराई है। पीलिया के सबसे ज्यादा मरीज छोटा बाजार एरिया के वार्ड 19, 20, 21, 22, 23 से चिह्नित किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की जांच में 204 से अधिक मरीजों का इलाज कराया गया है।
गौरतलब है कि वार्ड क्रमांक 23 कपूर सिंह दफाई में पीलिया से एक युवक की मौत (Water sample in liquor bottle) हो गई थी। ऐसे में मेडिकल टीम कैंप लगाकर जांच व इलाज की गई थी। कपूर सिंह दफाई के आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों की छुट्टी कर दी गई थी।
मामले में शुद्ध पेयजल के लिए 20 टैंकर चलाए जा रहे हैं, जो कम पड़ रहा है। इससे एसईसीएल, निगरीय निकाय, पीएचई को जलापूर्ति के लिए और वैकल्पिक व्यवस्था करने निर्देश दिए गए हैं।
ड्रग एवं फूड सेफ्टी टीम की सैंपलिंग को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगी है। क्योंकि पानी का सैंपल को रखने नामचीन कंपनी की अंग्रेजी दारू की बोतल (Water sample in liquor bottle) में भरकर ले जाया गया है। शहर में दूषित पानी को लेकर नाराजगी भी है और सैंपलिंग में दारू की बोतल का उपयोग करने पर ड्रग एवं फूड सेफ्टी विभाग को कंजूस बोल रहे हैं।
हालांकि, बोतल में किसी कंपनी का नाम के लेबल वाला रैपर नहीं चस्पा था। लोगों का कहना है कि आम जनता की सेहत से जुड़े पानी का सैंपल दारू की बोतल में ले जा रहे हैं। यह विभाग की लापरवाही भी है।
फूड एंड सेफ्टी विभाग रायपुर के सदस्य सर्वेश कुमार यादव का कहना है कि हमने फिल्टर प्लांट, टंकी से पानी का सैंपल लिया है। साथ ही पीलिया प्रभावित एरिया (Water sample in liquor bottle) से जिस घर में मरीज पाए गए हैं। वहां से अलग-अलग तीन घर से सैंपल लेकर रायपुर में जांच कराई जाएगी।