Good News: परकोटे क्षेत्र में यातायात सुगम बनाने के लिए नई लिंक रोड का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। इस सड़क के बन जाने से शहर की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और जाम की समस्या में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
Development Project: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों से परकोटे के भीतर की तीन लाख से अधिक की आबादी को सेंटपॉल स्कूल से कैथूनीपोल चौराहे तक की लिंक रोड के रूप में जल्द एक नई जीवन रेखा मिलेगी। स्पीकर ने रविवार को इस लिंक रोड का शिलान्यास किया था। करीब 9.80 करोड़ की लागत से बन रही लिंक रोड का निर्माण कार्य इस वर्ष दिसम्बर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
परकोटे से शहर की ओर जाने के लिए वाहनों के लिए वर्तमान में गढ़ पैलेस रोड तथा सूरजपोल दरवाजा ही विकल्प हैं। गढ पैलेस के पास मार्ग संकरा होने के कारण अक्सर जाम लगा रहता है, वहीं सूरजपोल दरवाजे पर भी दिनभर यातायात का अत्यधिक दबाव रहता है।
अनंत चतुर्दशी शोभायात्रा, श्रीराम बारात तथा अन्य अवसरों पर सूरजपोल दरवाजा क्षेत्र में यातायात बंद किए जाने पर परकोटे के भीतर के नागरिकों के लिए आवागमन की परेशानी और बढ़ जाती है। किसी भी दुर्घटना की स्थिति में फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस के भीतरी क्षेत्रों में पहुंचना भी किसी चुनौती से कम नहीं है।
इसे देखते हुए स्पीकर बिरला ने नगर निगम को वैकल्पिक मार्ग की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए थे। इस पर निगम ने सर्वे करते हुए सेंटपॉल स्कूल से प्रारंभ होकर बंजारा कॉलोनी, आरपीएस कॉलोनी, साबरमती कॉलोनी, मौखापाडा होते हुए कैथूनीपोल चौराहे तक बन करीब 1.4 किमी लम्बी लिंक रोड के निर्माण कर कार्ययोजना तैयार की है।
यातायात का सरल और सुगम होगा
निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यह लिंक रोड यातायात का सरल और सुगम विकल्प बनेगी। कनेक्टिविटी में सुधार करते हुए यह सड़क महज 2 से 3 मिनट में परकोटे के भीतर से अभय कमांड सेंटर तक पहुंच सुलभ करेगी। इस मार्ग का दादाबाड़ी लिंक रोड से सीधा जुडाव सुनिश्चित किया गया है, यानी कैथूनीपोल चौराहे से लिंक रोड के जरिए सेंटपॉल स्कूल ही नहीं दादाबाड़ी तक का सफर पहले से आधे से भी कम समय में तय किया जाना संभव हो सकेगा।
लिंक रोड पर जहां वाहनों के लिए दो लेन का प्रावधान किया गया है, वहीं पदयात्रियों के लिए भी सड़क के दोनों और सवा मीटर के वॉक वे बनाया जाएगा। साजीदेहडा नाले से सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक मीटर से कुछ कम ऊंची सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी। नाले के प्रवाह को प्रभावित किए बिना करीब 350 मीटर लम्बे क्षेत्र में रोड को ऐलीवेटेड कर चौडा किया जाएगा।
इस सडक के बनने से आपातकालीन परिस्थितियों में परकोटे के भीतर पहुंचना तथा वहां से बाहर निकलना भी सुगम हो जाएगा। करीब 9.8 करोड की लागत से बन रही इस सडक को 10 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, यानि अगले वर्ष से पहले यहां आवागमन प्रारंभ हो जाएगा, जिससे लोगों का जीवन सरल बनेगा।