कोटा

Kota: भगवान महावीर के सिद्धांतों को अपनाकर 105 साल की साक्षी बनी ‘सूर्यकांता’, 10 बच्चों समेत 85 सदस्यों का है परिवार

105 Year Old Suryakanta Jain: महावीर जयंती के खास अवसर पर सूर्यकांता ने अपने लंबे जीवन के राज भी बताए और आज के युवाओं को सीख भी दी। वह बताती है कि भगवान महावीर की बताई शिक्षाओं को अपनाकर जीवन को सुखद, शांतिप्रिय बनाया जा सकता है।

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Mar 30, 2026
फोटो: पत्रिका

Mahavir Jayanti 2026: अनुशासन, व्यवस्थित दिनचर्या और संतुलित, शुद्ध व सात्विक आहार, भगवान पर विश्वास और सकारात्मक सोच हो तो उम्र को भी हराया जा सकता है। कुछ ऐसा ही जीवन है इन्द्र विहार निवासी 105 वर्षीय सूर्यकांता जैन का। सूर्यकांता ने आजादी की जंग भी देखी है तो आजादी मिलने की खुशी भी जहन में है। सूर्यकांता पूरी एक सदी की साक्षी रही है।

महावीर जयंती के खास अवसर पर सूर्यकांता ने अपने लंबे जीवन के राज भी बताए और आज के युवाओं को सीख भी दी। वह बताती है कि भगवान महावीर की बताई शिक्षाओं को अपनाकर जीवन को सुखद, शांतिप्रिय बनाया जा सकता है। नकारात्मकता बीमारियों का घर है। हम अच्छे तो जग अच्छा, यह दृष्टिकोण रहे।

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बदलाव प्रक्रिया..सदी में काफी कुछ बदला…

प्लेग बीमारी का उन्हें ठीक से याद नहीं, आजादी के किस्से उन्हें याद है । कोरोना का समय वह नहीं भूलती । लोगों में धार्मिक भावना बढ़ रही है । पहले रामपुरा बड़े जैन मंदिर से जुलूस निकलता था, आज हर तरफ कार्यक्रम होते हैं। हर आयुवर्ग की भागीदारी रहती है । महंगाई और हिंसात्मक घटनाएं सूर्यकांता को विचलित करती है । सुख-सुविधाओं की चीजें आ गई है । पहले खानपान में शुद्धता थी, महंगाई नहीं थी । आज मिलावट भारी पड़ रही है । विश्वास टूट रहे हैं ।

95 साल की आयु में देखा दुबई

बेटे राजकुमार जैन बताते हैं कि मां ने 95 वर्ष की आयु में दुबई देखा । पासपोर्ट बनाने के लिए कार्यालय स्टाफ खुद उनके पास आया। उन्होंने बैठने का आग्रह किया तो उत्सुकतावश बोली, कोई बात नहीं, खड़ी ही रहूंगी । सूर्यकांता आज भी खुद के काम खुद करती है । सेहत के मामले में कोताही पसंद नहीं है। नियमित रूप से दही का सेवन व बालों की तंदरुस्ती के लिए नींबू का रस जरूर लगाती है ।

आहार व दिनचर्या पर दें ध्यान

आजकल युवा भटक रहे हैं। खान-पान बिगड़ रहा है। युवाओं में जो भटकाव है, इसमें कहीं न कहीं खान-पान का भी असर है। बच्चे, युवाओं को बीड़ी, सिगरेट व तंबाकू, शराब इत्यादि से दूर रहना चाहिए।

हर खबर से अपडेट

सूर्यकांता नियमित रूप से राजस्थान पत्रिका पढ़ती है । आज शहर देश में क्या हुआ, राजनीति में क्या चल रहा है, सभी कुछ सूर्यकांता को पता है । लेखनी और विश्वसनीयता की बात हो तो पत्रिका सर्वोपरि है। ज्ञान में वृद्धि के लिए नियमित रूप से पत्रिका पढ़ना जरूरी मानती है ।

तो बेहद खुश होती है सूर्यकांता

परिवार की फोटो: पत्रिका

डॉ. अशोक जैन, कोटा ब्लड बैंक सोसायटी के सचिव राजकुमार जैन, दिगम्बर जैन औषधालय के अध्यक्ष अविनाश जैन समेत 6 बेटे और चार बेटियों के लंबे परिवार में पौत्र, पौत्रियों, बहु समेत मिलाकर 85 सदस्य हैं । कोटा व्यापार महासंघ के उपाध्यक्ष पौत्र अनिमेष जैन बताते हैं कि जन्म दिन और अन्य खास अवसरों पर जब सभी मिलते हैं तो दादी की खुशी का ठिकाना नहीं रहता ।

सुबह से शाम यह दिनचर्या

हर दिन सुबह 5:30 उठना, स्नान इत्यादि कर धर्मध्यान के बाद पत्रिका पढ़ना, घंटे भर विश्राम, फिर, साफ- सफाई, सिलाई, शाम को चाय, भोजन के बाद कुछ देर टीवी देखने और धर्मध्यान में दिन निकल जाता है । परिवार में कभी किसी पर नाराज नहीं होती। पति सूरजमल जैन बैंक में जनरल मैनेजर थे । वह मानती है कि सुख व दुख जीवन का हिस्सा है । भगवान में विश्वास जरूरी है। ईश्वर से सब कुछ अच्छा दिया ।

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Updated on:
30 Mar 2026 09:48 am
Published on:
30 Mar 2026 09:47 am
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