Kota Newsupdate: कोटा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर तेज रफ्तार एसयूवी अनियंत्रित होकर करीब 30 फीट नीचे नाले में जा गिरी, जिससे तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। लेह-लद्दाख ट्रिप से लौट रहे ये दोस्त अब एक साथ शव बनकर घर पहुंचेंगे।
Accident On Delhi-Mumbai Expressway: कोटा जिले से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर तेज रफ्तार अब जानलेवा साबित हो रही है। बीते तीन माह में इस हाईस्पीड कॉरिडोर पर 9 लोगों की जान जा चुकी है। ताजा मामला कैथून थाना क्षेत्र का है, जहां तेज रफ्तार एसयूवी अनियंत्रित होकर बैरियर तोड़ते हुए करीब 30 फीट नीचे नाले में जा गिरी और तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा और गति नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हादसा कराडिया और बालापुरा इंटरचेंज के बीच हुआ, जहां वाहन तेज गति में था और संभवतः चालक को झपकी आने के कारण उसने नियंत्रण खो दिया। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गाड़ी पूरी तरह चकनाचूर हो गई और सवारों को बाहर निकालना भी मुश्किल हो गया। यह पहला मामला नहीं है। पिछले तीन महीनों में इसी एक्सप्रेस-वे पर कई हादसे सामने आ चुके हैं, जिनमें अधिकतर मामलों में ओवर स्पीड ही प्रमुख वजह रही। लंबी सीधी सड़क, कम ट्रैफिक और हाईस्पीड की सुविधा कई बार वाहन चालकों को लापरवाही की ओर धकेल देती है, जिसका खामियाजा जान गंवाकर चुकाना पड़ रहा है।
मृतकों के साथियों ने बताया कि तीनों युवक 26 फरवरी को टूर पर निकले थे। लेह-लद्दाख का सफर पूरा करने के बाद वे पुणे लौट रहे थे। सभी अलग-अलग कारों में यात्रा कर रहे थे। रास्ते में एक स्थान पर चाय-नाश्ते के लिए रुकने की योजना बनाई गई, लेकिन मृतक आगे निकल गए। कैथून थाना प्रभारी मनोज सिकरवार के अनुसार, हादसे के बाद साथियों की हालत बेहद खराब थी। वे बार-बार घटना को याद कर भावुक हो रहे थे। उन्होंने बताया कि सभी लोग मंगलवार रात दौसा के पास एक होटल में रुके थे और बुधवार सुबह 6 से 7 बजे के बीच वहां से रवाना हुए थे।
मृतकों के साथियों ने बताया कि वे हाईवे पर बने रेस्ट एरिया में चाय पी रहे थे, तभी मृतक सिद्धांत अलाट के परिजनों का फोन आया। उन्होंने बताया कि मोबाइल पर कार के ब्रेकडाउन का अलर्ट आया और वह कॉल नहीं उठा रहा। इसके बाद साथियों ने भी संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। आशंका होने पर वे तुरंत आगे बढ़े और करीब 5 किलोमीटर दूरी हादसे की जानकारी मिली। मौके पर पहुंचने पर देखा कि घायलों को कार से निकालकर अस्पताल ले जाया जा रहा था। इसके बाद परिजनों को पूरे घटनाक्रम की सूचना दी गई।
कैथून सीआइ मनोज सिकरवार ने बताया कि मृतकों के परिजनों से संपर्क किया गया। परिजनों ने आग्रह किया कि शव का पोस्टमार्टम करवाकर उन्हें सौंप दिया जाए, क्योंकि वे पुणे से जयपुर फ्लाइट के जरिए आ रहे थे और कोटा पहुंचने में समय लग सकता था। इस पर पुलिस ने तीनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर उन्हें साथियों के सुपुर्द कर दिया और एंबुलेंस के माध्यम से जयपुर के लिए रवाना किया, जहां से शवों को फ्लाइट के जरिए पुणे ले जाया जाएगा। हादसे में एक साथ तीन घरों के चिराग बुझ जाने के बाद से ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।