आवारा श्वानों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। सांगोद क्षेत्र में जहां आवारा कुत्तों ने एक ही रात में चार बकरियों को नोचकर मार डाला।
Stray Dog Killed 4 Goats: सांगोद में आवारा श्वान अब पशुपालकों के लिए भी बड़ी समस्या बनने लगे है। राह चलते लोगों पर हमला कर रहे आवारा श्वान अब पालतू पशुओं को भी नुकसान पहुंचाने लगे है। गुरुवार रात यहां एक बाड़े में बंधी चार बकरियों की आवारा श्वानों ने नोच नोच कर जान ले ली।
पशु पालक खलील मिर्जा ने बताया कि रोजाना की तरह वो अपनी चार बकरियों को नवल बाग स्थित स्वयं के बाड़े में बन्द करके आया था। वहां अन्य जानवर भी बंधे रहते है। गुरुवार रात आवारा श्वानों ने बाड़े में घुसकर बकरियों ओर हमला कर दिया और उन्हें मार डाला। सुबह जब वो बाड़े में पहुंचे तो मंजर देखकर सकते में आ गए।
सुबह तक भी आवारा श्वान बाड़े में बकरियों को नोच रहे थे। एक माह पूर्व भी यहां आवारा श्वानों ने बाड़े में घुसकर एक बकरे को नोच नोच के मार दिया। वही दूसरी तरफ यहां जोलपा रोड स्थित मेला ग्राउंड के पास भी आवारा श्वान आए दिन यहां भटकते निराश्रित गोवंश को घायल कर रहे है।
कोटा शहर में आवारा कुत्तों के हमलों का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला विज्ञान नगर थाना क्षेत्र का है, जहां 3 फरवरी को आवारा कुत्तों ने 3 साल के मासूम बालक पर हमला कर उसे घायल कर दिया। घटना के बाद घायल बच्चे को तलवंडी स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी ड्रेसिंग कर इंजेक्शन लगाए।
घटना मंगलवार दोपहर विज्ञान नगर सेक्टर-1 की है। मकान नंबर 1-ज-33 निवासी देवेंद्र गंगवाल ने बताया कि वह दोपहर करीब 3 बजे अपने 3 साल के पोते विश्रुत जैन को पार्क में घुमाने ले गए थे। करीब 4 बजे जब वे वापस घर लौट रहे थे, तब उनका पोता आगे-आगे दौड़ता हुआ चल रहा था। इसी दौरान दिनेश गैस एजेंसी के पास गली में खड़े 3 से 4 आवारा कुत्तों ने बच्चे को देखकर उस पर अचानक हमला कर दिया।
कुत्तों ने बच्चे को नीचे गिरा दिया और उसे काटने लगे। जब तक देवेंद्र और आसपास मौजूद लोग बच्चे को बचाने के लिए पहुंचे, तब तक कुत्ते उसे कई जगह काट चुके थे। हमले में बच्चे की पीठ, कंधे, हाथ और पैर पर 4 से 5 गहरे घाव हो गए, जिससे खून बहने लगा। किसी तरह लोगों ने कुत्तों को भगाया और बच्चे को तुरंत इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया। परिजनों ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टरों ने घावों की ड्रेसिंग की और आवश्यक इंजेक्शन लगाए। फिलहाल बच्चे की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन परिजन काफी डरे हुए हैं।