बूंदी जिले के बाड़ों में आग लगने से मासूम जिंदा जल गई। वहीं स्कूल से लौटती वैन में आग लगने से सवार बच्चों ने कूदकर जान बचाई।
बूंदी जिले में गुरुवार को दो बड़े हादसे हो गए। पहले हादसे में दो गांवों के बीच बने बाड़ों में आग लग गई। जिसमें फंसकर एक मासूम बच्ची जिंदा जल गई। वहीं उसके माता-पिता ने भागकर अपनी जान बचाई। दूसरा हादसा नेशनल हाईवे पर हुआ। जहां बच्चों को घर छोड़ने के लिए आ रही स्कूली वैन में आग लग गई। वैन में सवार बच्चों ने कूदकर जैसे-तैसे अपनी जान बचाई।
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जिंदा जली मासूम बच्ची
बूंदी जिले के करौंदी व पटियाल गांव के बीच राजस्व की जमीन पर बने बाड़ों में गुुरुवार दोपहर करीब 12 बजे अचानक आग लग गई। बाड़ों में उगा चारा चारा सूखा होने और तेज हवा चलने से तेजी से चारों ओर आग फैल गई और कुछ ही समय में तीन किलोमीटर के इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। इसी दौरान एक बाड़े में मौजूद कोचरया गांव निवासी महावीर भील, उसकी पत्नी और पांच वर्षीय पुत्री पूजा भीषण आग में घिर गए। आग से बचने के लिए महावीर और उसकी पत्नी तो भागकर दूर चले गए, लेकिन मासूम पूजा आग की चपेट में आ गई और जिंदा जल गई।
नहीं मिला जान बचाने का मौका
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि बाड़े में आग लगने के बाद महावीर और उसकी पत्नी को इतना भी मौका नहीं मिला कि वह आग से घिरी बच्ची को बाहर निकाल सके। दोनों की चीख-पुकार सुनकर जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो उन्होंने खासी मशक्कत से पूजा को बाड़े से बाहर निकाला। उस वक्त बुरी तरह से झुलस चुकी पूजा की सांसें चल रही थीं। ग्रामीण 108 एम्बुलेंस की मदद से कोटा अस्पताल लाए, जहां पर उपचार के दौरान दम टूट गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। बाड़ों में आग लगने से करौंदी निवासी कन्हैयालाल गुर्जर की सौ बीघा की गरड़ा की फसल भी जल गई।
चलती वैन में लगी आग
वहीं आग लगने की दूसरी घटना हिंडोली कस्बे के बाईपास पर हुई। यहां स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल के छात्रों को घर ला रही वैन में स्पार्किंग होने से एनएच 148D बायपास पर आग लग गई। चालक ने सजगता दिखाते हुए तुरन्त वेन को रोका और सभी छात्रों को बाहर निकाला। कुछ देर बाद ही वैन में आग तेज गति से फैली। जिससे पूरी वैन जलकर खाक हो गई। चालक ने छात्रों को दूसरे वाहन में बिठाकर घरों पर भेजा।