
ACB कोटा ने रिश्वत मांगने के बाद कार्रवाई की भनक लगने पर घूस नहीं लेने के मामले में केशवरायपाटन पंचायत समिति की ग्राम पंचायत भीया की ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) सोनम नेहरा के खिलाफ जांच के बाद मामला दर्ज कर लिया है। एसीबी कोटा को संवेदक और साथी ने 5 मई को दी शिकायत में बताया कि 26 अगस्त 2025 को उसने ग्राम पंचायत भीया में स्वच्छ भारत मिशन के तहत कचरा संग्रहण, सड़क-नाली और सामुदायिक भवन की सफाई का ठेका लिया था। ठेका पूरा होने पर दिसंबर में तीनों सफाई कार्यों के लिए 63,000, 50,137 और 51,111 रुपए के 3 बिल वीडीओ को पास करने के लिए दिए, लेकिन उनका भुगतान नहीं किया।
भीया वीडीओ नेहरा ने बिलों का भुगतान करने की ऐवज में 25 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। इस पर एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया तो मामला सही मिला। मामले की जांच बूंदी एसीबी के डीएसपी नीरज गुप्ता करेंगे। 7 मई 2026 को एसीबी के तत्कालीन एडिशनल एसपी मुकुल शर्मा की अगुवाई में सोनम नेहरा को ट्रैप करने टीम पहुंची और सह-परिवादी को नेहरा के पास कार्यालय में भेजा। इस पर वीडीओ नेहरा ने ऑफिस में संबंधित रजिस्टर न होने की बात कहते हुए रिश्वत की राशि उसके किराए के मकान पर जाकर उसके पति को देने को कहा। सह-परिवादी जब उसके पति को रिश्वत देने वहां पहुंचा तो सोनम के पति ने रिश्वत की राशि लेने से मना कर दिया इधर सोनम भी कार्यालय से चली गई।
दरअसल एसीबी टीम ने 7 मई को केशवरायपाटन क्षेत्र में दो अलग-अलग ट्रैप कार्रवाई की थीं। पहली कार्रवाई में सखावदा ग्राम पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी सतवीर सिंह को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते ट्रैप किया था। सतवीर सोनम के पति का दोस्त है। ऐसे में ट्रैप की कार्रवाई का उसे पता लग गया। इस पर सहपरिवादी के पहुंचने पर उसने रिश्वत नहीं ली। इधर सोनम भी कार्यालय से चली गई लेकिन इससे पहले सत्यापन तक रिश्वत मांगने और पति को रिश्वत देने की बात कहने के सबूत एसीबी के पास थे। ऐसे में एसीबी ने मामले की जांच की और मामला दर्ज करने के पर्याप्त सबूत होने पर वीडीओ सोनम नेहरा के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया।