कोटा. गुमानपुरा थाना क्षेत्र में करीब 4 साल पहले एक बुजुर्ग महिला के घर में लूटपाट करने और उसकी हत्या कर जलाने के आरोपित को अदालत ने सजा दी।
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गुमानपुरा थाना क्षेत्र में करीब 4 साल पहले एक बुजुर्ग महिला के घर में लूटपाट करने और उसकी हत्या कर सबूत मिटाने के लिए जलाने के आरोपित को गुरुवार को अदालत ने उम्र कैद की सजा व 8 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया है।
बोरखेड़ा थाना क्षेत्र स्थित केसर बाग निवासी राकेश कुमार सेन ने 15 नवम्बर 2013 को गुमानपुरा थाने में रिपोर्ट दी थी। जिसमें बताया कि कोटड़ी गोरधनपुरा में उसकी दूर की रिश्तेदार बुआ रमेश देवी सेन(65) अकेली रहती थी। फौज से सेवानिवृत्त उनके पति की कुछ समय पहले मौत हो चुकी थी और उनके कोई बच्चा भी नहीं था। उनके बीमार होने से एक दिन पहले वह उनके घर गया और दवाई देकर आया था।
लेकिन 15 नवम्बर को उसे सूचना मिली कि बुआ के घर में आग लगी हुई है। उसने वहां जाकर देखा तो उसकी बुआ पलंग पर मृत पड़ी हुई थी। जिसे किसी ने आग लगाकर जला भी रखा था। इस रिपोर्ट पर पुलिस ने हत्या व सबूत मिटाने का मुकदमा दर्ज किया।
गुमानपुरा थाने के तत्कालीन थानाधिकारी राजेश सोनी ने मामले में अनुसंधान किया और रिश्तेदार व पड़ौसियों से पूछताछ व मोबाइल कॉल डिटेल प्राप्त की। जिसमें रमेश देवी की अंतिम बार बात उनके पड़ौसी गोरधनपुरा निवासी महेन्द्र कुमार सेन(35) से हुई थी। इस पर पुलिस ने उससे पूछताछ की। जिसने हत्या करना कबूल कर लिया। इस पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस को पूछताछ में पता चला कि रमेश देवी के अकेले रहने से महेन्द्र अक्सर उनके घर आता -जाता रहता था। वह उनकी देखभाल भी कर लेता था। 14 की रात को वह उनके घर गया और टीवी देखने लगा। जब रमेश देवी सो गई तो वह घर में तलाशी लेने लगा। इसी दौरान रमेश देवी की नींद खुली और शोर मचाया तो महेन्द्र ने पास में रखे डंडे से वार कर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद उस पर केरोसीन डाकर आग लगाई और गैस का पाइप चाकू से काट दिया। जिससे वह पूरी तरह से जल गई थी। महेन्द्र घर से उनके कानो के सोने के टॉप्स व 4500 रुपए लेकर मकान को बाहर से बंद कर भाग गया।
अपर लोक अभियोजक रितेष मेवाड़ा ने बताया कि एडीजे क्रम 1 अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 27 गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए। मामले की गम्भीरता को देखते हुए आरोपित को मृत्युदंड देने का आग्रह किया गया। न्यायाधीश संजय त्रिपाठी ने आरोपित महेन्द्र सेन को हत्या, लूट व सबूत मिटाने का दोषी मानते हुए उम्र कैद की सजा व 8 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया है।