समाजसेवी अन्ना हजारे ने कहा मैं छह साल से चुनाव आयोग से पूछ रहा हूं कि पार्टियों के चुनाव चिन्ह कहां से आए? लेकिन जवाब नहीं दिया जा रहा है।
कोटा . समाजसेवी अन्ना हजारे ने कहा कि देश को बदलना है तो पार्टियों के चुनाव चिन्ह हटा दो। देश में लोकतंत्र अपने आप आ जाएगा। उन्होंने यह बात गायत्री शक्ति पीठ पर शुक्रवार को आयोजित प्रबुद्धजनों से वार्ता के दौरान कही। शिक्षाविद् सीमा घोष के सवाल बिना राजनीतिक दखल के समाज में बदलाव कैसे आएगा? पर हजारे ने कहा कि देश को बदलना है तो संविधान के आधार पर बदल सकते है। देश में संविधान सर्वोच्च है। उसके बाद कानून है। संविधान में किसी पार्टी का नाम नहीं है। मैं छह साल से चुनाव आयोग से पूछ रहा हूं कि पार्टियों के चुनाव चिन्ह कहां से आए? लेकिन जवाब नहीं दिया जा रहा है।
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इस मौके पर पूर्व मंत्री भरत सिंह, गायत्री शक्ति पीठ के मुख्य ट्रस्टी जीडी पटेल, शहरकाजी अनवार अहमद, आरसी साहनी, ज्ञानी गुरमान सिंह अम्बालवी, यज्ञदत्त हाड़ा, सपना अग्रवाल, बबीता, अभिमन्यु, गिरधारी पंजवानी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
राजस्थान में शराबबंदी लागू होनी चाहिए
अन्ना हजारे ने राजस्थान में शराबबंदी लागू करने की बात कही। उन्होंने चिंता जताई कि शराब के कारण कई परिवार उजड़ चुके हैं। आए दिन परिवारों में झगड़ा हो रहा है। हमारी युवा शक्ति बर्बाद हो रही है। महिलाओं पर अत्याचार बढ़ रहे है। इन परिस्थितियों से निपटने के लिए इस पर प्रभावी कदम उठाना चाहिए।
यूं चला सवाल जवाब का सिलसिला
दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने पार्टी बनाई, लेकिन आपने साथ नहीं दिया।
अगर मैं पार्टी में जाता तो मेरी भी वैसी हालत होती जो केजरीवाल
की हो रही है।
आरटीआई तो लागू करवा दिया, लेकिन समय पर जवाब नहीं मिलता?
देश में आठ साल पहले आरटीआई लागू कराया, लेकिन राजस्थान में क्या चल रहा है? मुझे पता नहीं है।
हमारे देश में धरने की राजनीति है, कुछ करने की क्यों नहीं है?
विधानसभा व लोकसभा में नेताओं को हम ही भेजते हैं। इनके ताले की चाबी तो आपके पास ही है। अच्छे लोगों को भेजेंगे तो वे अच्छा कार्य करेंगे।