Firing And Land Dispute Case: कोटा में पिता-पुत्री पर फायरिंग के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया कि प्रभात कश्यप ने खुद को बचाने के लिए हिस्ट्रीशीटर से अपने ऊपर फायरिंग करवाई और दूसरी गैंग को फंसाने की साजिश रची।
Kota BJP Leader Prabhat Kashyap Arrested: कोटा उद्योग नगर थाना क्षेत्र में पिता-पुत्री पर फायरिंग करने का आरोपी भाजपा नेता प्रभात कश्यप ने मामले में स्वयं को बचाने के लिए शिवराज गैंग पर उस पर और उसकी कार पर फायरिंग करने की झूठी कहानी रची थी।
जांच में मामला सामने आने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को बुधवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 15 दिन के लिए जेल भेज दिया गया।
पीड़ित युवक ने उद्योग नगर थाने में सोमवार को दर्ज करवाई रिपोर्ट में बताया कि शिवसागर क्षेत्र में रवि कश्यप ने उसकी बहन से अभद्रता की। विरोध करने पर गाली-गलौज करते हुए उसे धमकी दी। इसके बाद देर रात करीब 11.30 बजे रवि कश्यप, उसका भाई, जीजा प्रभात कश्यप और चार-पांच अन्य लोग हथियारों से लैस होकर मकान में घुस गए।
आरोपियों ने घर में पिता-पुत्री के साथ मारपीट की और कार, बाइक व घर में तोड़फोड़ की। इस दौरान आरोपियों ने छत पर खड़े परिजन पर तीन फायर किए। इसमें से एक गोली छत की रेलिंग से टकराई। आरोपियों ने लड़की के सिर पर सरिए से व उसके पिता पर धारदार हथियार से हमला किया। हमले के बाद आरोपी फरार हो गए।
उद्योग नगर थानाधिकारी जितेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि घटना के बाद आरोपी प्रभात कश्यप पीड़ितों से पहले ही थाने पहुंच गया और उस पर फायरिंग और जानलेवा हमले का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करने की मांग कर हाई वोल्टेज ड्रामा किया। इस पर पुलिस ने प्रभात को हिरासत में लेकर जांच शुरू की, पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी प्रभात कश्यप ने कथित रूप से जवाहर नगर थाने के हिस्ट्रीशीटर कमल चौका से खुद पर फायरिंग करवाई और मामले में शिवराज सिंह गैंग का नाम जोड़कर खुद को पीड़ित दिखाने की कोशिश की। कुछ दिनों पहले भी प्रभात ने शिवराज गैंग पर फिरौती मांगने की शिकायत थाने में दर्ज करवाई थी। पुलिस ने जांच के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया है।
कोटा की एक महिला ने आरोप लगाया कि प्रभात कश्यप, अर्चना कश्यप और टाइगर फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजर समेत अन्य ने साजिश कर उसके खरीदे गए प्लॉट बी-31 को अन्य खसरा नंबर दिखाकर प्रभात के नाम गलत रजिस्ट्री करा ली। इसके बाद उन्होंने प्लॉट पर लोन उठा लिया। जब, उसके घर लोन चुकाने को लेकर नोटिस आया तो मामला पता चला। इस पर उसने पुलिस में शिकायत दी, लेकिन अभी कार्रवाई नहीं हुई।
एक पीड़ित रवि ने पुलिस में दी शिकायत में बताया कि प्रभात ने उससे भूखंड खरीदा। जिसकी एवज में दो लाख रुपए दिए, शेष रकम के उसे चेक दे दिए जो बाउंस हो गए। भूखंड के शेष रुपए मांगने पर प्रभात ने उसे धमकाया और भूखंड पर काम शुरू कर दिया गया।