कोटा

Gold-Silver Price: सोने-चांदी के दामों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव, भगवान का शृंगार हुआ महंगा, देखें कोटा में पिछले 15 दिनों के भावों का ग्राफ

Silver Price Hike: कोटा में सोने-चांदी के दामों में आई तेज़ उछाल का असर अब मंदिरों के शृंगार और प्रसाद तक पहुंच गया है। बढ़ती कीमतों के कारण भगवान का शृंगार और मिठाइयों पर चांदी वर्क महंगा हो गया है।

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Feb 07, 2026

Silver Price Data: शादी-ब्याह और अन्य आयोजनों के बाद अब सोने-चांदी के भावों में लगी महंगाई की आंच भगवान के शृंगार तक पहुंच गई है। सोने और चांदी के दामों के कारण मंदिरों में होने वाला शृंगार महंगा हो गया है, जिसका असर भक्तों के साथ-साथ मंदिर व्यवस्थाओं पर भी पड़ रहा है। आमतौर पर राम-सीता, राधाकृष्ण का अभिषेक-पूजन कर उन्हें स्वर्ण-रजत आभूषण धारण करवाए जाते हैं, वहीं बालाजी, भैरुजी सहित अन्य कई प्रतिमाओं का शृंगार सोने-चांदी के वर्क से किया जाता है। सोने-चांदी के भाव बढ़ने से वर्क के दाम भी काफी बढ़ गए हैं।

मंदिर संचालकों के अनुसार चांदी के वर्क से जो शृंगार पहले 1500 से 2000 रुपए में हो जाता था, अब उसमें करीब 4 हजार रुपए तक खर्च आ रहा है। हालांकि शृंगार प्रतिमाओं के आकार पर निर्भर करता है, फिर भी आमतौर पर अब स्वर्ण वर्क से शृंगार की लागत सवा लाख रुपए तक पहुंच गई है। विभिन्न मंदिरों में शृंगार का कार्य करने वाले आशीष शर्मा बताते हैं कि स्वर्ण शृंगार अब लोग सामूहिक रूप से मिलकर करवा रहे हैं, क्योंकि एक व्यक्ति के लिए यह काफी महंगा हो गया है।

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कोटा में चांदी के दामों में प्रति किग्रा उतार- चढ़ाव का ग्राफ

  • 20 जनवरी : 310000
  • 21 जनवरी : 318000
  • 22 जनवरी : 300000
  • 23 जनवरी : 314000
  • 24 जनवरी : 326000
  • 27 जनवरी : 347000
  • 28 जनवरी : 358000
  • 29 जनवरी : 385000
  • 30 जनवरी : 340000
  • 31 जनवरी : 290000
  • 02 फरवरी : 262000
  • 03 फरवरी : 272000
  • 4 फरवरी : 287000
  • 5 फरवरी : 260000
  • 6 फरवरी : 253000

ऐसे पड़ रहा असर

चांदी वर्क का जो रोल पहले 700 से 800 रुपए में मिल जाता था, अब वही 2800 से 2900 रुपए में आ रहा है। एक प्रतिमा के लिए कम से कम एक रोल की आवश्यकता होती है। प्रतिमा के आकार के अनुसार वर्क की मात्रा बढ़ती-घटती रहती है। आमतौर पर पहले एक प्रतिमा का चांदी वर्क से शृंगार 1500 रुपए तक में हो जाता था, जो अब बढ़कर 3000 रुपए तक पहुंच गया है। स्वर्ण वर्क से शृंगार का हाल भी कुछ ऐसा ही है। जिस प्रतिमा का स्वर्ण शृंगार पहले करीब 70 हजार रुपए में हो जाता था, अब वही सवा लाख रुपए तक पड़ने लगा है।

मंदिर संचालकों के अनुसार जिन प्रतिमाओं पर कामी सिंदूर चढ़ाया जाता है, उन्हीं प्रतिमाओं का सोने व चांदी के वर्क से शृंगार किया जाता है। देवी, बालाजी, भैरुजी, गणेशजी आदि प्रतिमाएं इसमें शामिल हैं। स्वर्ण शृंगार आमतौर पर विशेष अवसरों पर ही कराया जाता है। चांदी के भाव बढ़ने के कारण अब कई मंदिरों में गोटे सहित अन्य वैकल्पिक शृंगार सामग्री का उपयोग बढ़ने लगा है। केशवपुरा टीचर्स कॉलोनी और तलवंडी क्षेत्र में पूजन सामग्री की दुकानों पर उमेश शर्मा और पूरण मल बताते हैं कि जो सामग्री पहले 50 रुपए तक मिल जाती थी, अब वही 90 से 100 रुपए में पड़ रही है।

प्रसाद पर भी पड़ा असर

जवाहर नगर स्थित एक मिष्ठान भंडार के संचालक वरुण पोसवाल बताते हैं कि काजू कतली, बंगाली मिठाइयों सहित कई मिष्ठानों पर चांदी वर्क का उपयोग किया जाता है। मिठाइयों पर वर्क चढ़ाने की लागत चार गुना तक बढ़ गई है। लगभग 30 किलो मिठाई पर एक रोल की खपत होती है। पोसवाल के अनुसार दामों में उतार-चढ़ाव तो चलता रहता है, लेकिन यदि भाव लगातार ऐसे ही बढ़ते रहे तो वर्क का उपयोग कम करना पड़ेगा। वहीं एक अन्य दुकानदार का कहना है कि अब केवल कुछ खास मिष्ठानों में ही चांदी वर्क का प्रयोग किया जा रहा है।

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Published on:
07 Feb 2026 11:06 am
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