
कोटा . कोचिंग सिटी में एक और कोचिंग छात्र ने खुदकुशी कर ली। बंद कमरे में उसकी मौत का राज तीन बाद बुधवार रात खुला जब शव से बदबू आने लगी। घटना राजीव गांधी नगर स्थित मोहिनी रेजीडेंसी हॉस्टल में हुई। आसपास के कमरों में रहने वाले छात्रों ने जब बदबू आने की शिकायत की तो पता चला कि बदबू अजीज के कमरे से आ रही है, लेकिन कमरा अंदर से बंद था। अनहोनी से आशंकित बच्चों ने हॉस्टल प्रबंधन को बताया तो पता चला कि किसी ने भी अजीज को तीन दिन से देखा ही नहीं।
सूचना पर पहुंची पुलिस
हॉस्टल की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और बंद दरवाजा तोड़ा तो पुलिसकर्मी भी दहल गए। अंदर अजीज चादर का फंदा बनाकर पंखे से लटका हुआ था। घटना दो-तीन पुरानी होने से शव सड़ गया और बदबू आ रही थी। थानाधिकारी नीरज गुप्ता ने बताया कि बुधवार रात को सूचना पर पुलिस हॉस्टलपहुंची। दरवाजा अंदर से बंद था। दूसरे छात्र के कमरे की खिड़की से देखा तो छात्र चादर का फंदा लगाकर पंखे पर लटका हुआ था। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को उतारा। शव दो से तीन दिन पुराना था।
कॉपी में पारिवारिक कारणों का हवाला
मृतक लखनऊ निवासी अब्दुल्ला अजीज (20) हॉस्टल में रहकर मेडिकल एंट्रेस एग्जाम की तैयारी कर रहा था। पुलिस ने बताया कि छात्र के कमरे से कॉपी मिली है, जिसमें कुछ पारिवारिक कारण लिखे है। उसकी जांच की जा रही है। पुलिस ने रात को ही शव मोर्चरी में रखवा परिजनों को सूचना दी। मृतक के पिता रोशन अजीज समेत अन्य परिजन गुरुवार सुबह कोटा पहुंचे।
परिजनों से 3 दिसम्बर को आखिरी बात हुई थी बात
रेलवे में टिकट कलक्टर एवं मृतक के पिता रोशन अजीज ने बताया कि अब्दुल्ला उनका इकलौता बेटा था। वह इसी साल मई में कोटा आया था। 3 दिसम्बर को उसकी परिजनों से अंतिम बार बात हुई थी। 24 दिसम्बर को लखनऊ जाने का ट्रेन का टिकट भी बुक करवा रखा था। वे भी नहीं समझ पा रहे हैं कि बेटे ने इतना बड़ा कदम कैसे और क्यों उठा लिया। पुलिस ने पोस्ट मार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।