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Union Minister Nitin Gadkari Kota Visit: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तथा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बुधवार को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के लबान इंटरचेंज से दरा टनल तक निरीक्षण कर हकीकत जानेंगे। गडकरी दिल्ली से कोटा तक कार से ही एक्सप्रेस वे का जायजा लेंगे।
गडकरी के दौरे से पहले जानलेवा बने एक्सप्रेस वे के गड्ढों को दिनरात भरने का काम चल रहा है। मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में निर्माणाधीन टनल का कार्य भी युद्ध स्तर पर चल रहा है। सीएम हेलीकॉप्टर से लबान इंटरचेंज पहुंचेंगे, जबकि लोकसभा अध्यक्ष खातौली के कार्यक्रम में भाग लेकर सड़क मार्ग से यहां पहुंचेंगे। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे तीनों नेता सड़क मार्ग से एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण शुरू करेंगे। इस दौरान दरा टनल का भी अवलोकन किया जाएगा। NHAI अधिकारियों समेत जिला प्रशासन दौरे की तैयारियों में जुटा रहा। दौरे के दौरान शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर और लाडपुरा विधायक कल्पना देवी भी साथ रहेंगी। गडकरी इसके बाद रतलाम के लिए रवाना हो जाएंगे।
दरा टनल का कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। इस कारण बार-बार निर्माण अवधि बढ़ानी पड़ रही है। पिछले 4 वर्ष में 6 बार इसके निर्माण की अवधि बढ़ाई गई, लेकिन टनल का काम पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में लागत भी 100 करोड़ रुपए अधिक बढ़ चुकी है। वहीं लोगों को दरा नाल में आए दिन लगने वाले जाम से मुक्ति नहीं मिल पा रही है। इस टनल में यातायात शुरू होने में अभी करीब एक माह का समय लग सकता है। वर्तमान में एक साइड का काम पूरा हो चुका है। इसमें सेफ्टी ऑडिट के निर्देश के अनुसार कार्य किए जा रहे है, जबकि टनल के दूसरे 4 लेन के हिस्से का काम अंतिम चरण में चल रहा है।
राजस्थान पत्रिका ने एक्सप्रेस वे की दुर्दशा और जगह-जगह टूटने के कारण आए दिन हो रहे जानलेवा हादसों को लेकर लगातार शासन प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। पत्रिका टीम ने कोटा जिले के कराडिया इंटरचेंज से सवाई माधोपुर तक दौरा कर एक्सप्रेस वे बदहाल हालत उजागर की थी। दरा टनल के निर्माण कार्य में देरी का भी मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ने गडकरी से बात की। बिरला ने एक्सप्रेस वे की दुर्दशा पर पहले भी कड़ी नाराजगी जाहिर की थी।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 9 साल पहले कोटा में चंबल नदी पर राष्ट्रीय जलमार्ग परियोजना से जोड़ने और माल परिवहन के लिए सी-प्लेन चलाने की घोषणा की थी, लेकिन यह घोषणा हवाई साबित हुई है। गडकरी करीब नौ साल पहले कोटा और झालावाड़ जिले के दौरे पर आए थे और भामाशाहमंडी में विकास कार्यों के शिलान्यास-लोकार्पण समारोह में चंबल नदी पर सी-प्लेन की घोषणा की थी, इसके बाद तत्कालीन सांसद ने भी लोकसभा में सरकार का चंबल नदी पर जलमार्ग शुरू करने के संबंध में ध्यान आकर्षित किया था।
उधर बजट में चितौड़गढ़ सांसद ने सीपी जोशी ने लोकसभा में चंबल नदी को राष्ट्रीय जल मार्ग से जोड़ने के संबंध में सवाल उठाया था। लोकसभा में पूछे गए एक अतारांकित प्रश्न के जवाब में केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय जलमार्ग-1 पर नौवहन क्षमता बढ़ाने के लिए ड्रेजिंग प्रबंधन योजना लागू की गई है। लेकिन राजस्थान में चंबल नदी पर राष्ट्रीय जलमार्ग-24 का कोई भाग नहीं होने के कारण राज्य में इस नदी पर किसी प्रकार की जलमार्ग विकास गतिविधि शुरू नहीं की गई है और न ही फिलहाल ऐसी कोई योजना प्रस्तावित है।
Updated on:
08 Jul 2026 06:32 am
Published on:
08 Jul 2026 06:28 am
