
Kota News: राजस्थान की कोचिंग सिटी कोटा इन दिनों कोबरा सांपों के आतंक से कांप रही है। मानसून थमने के बाद भी शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में लगातार सांप निकलने की घटनाएं सामने आ रही हैं। सांपों का यह बढ़ता खतरा अब लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। खासकर मंडानिया गांव का एक परिवार तो जैसे इस खतरे का स्थायी शिकार बन गया है।
गांव के रहने वाले मुकेश नागर के घर में करवा चौथ के दिन एक बार फिर कोबरा ने हमला कर दिया। मुकेश जब घर में रखी लहसुन की बोरियां निकाल रहा था, तभी झाड़ियों से निकला कोबरा उस पर टूट पड़ा। सांप ने उसके पैर में डस लिया। परिजनों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई। लेकिन हालत अभी स्थिर है और वह अस्पताल में है।
बेटे को देखने के लिए अस्पताल गए पिता पर तो मानों आफत टूट पड़ी। बेटे को देखने के बाद पिता को इतना गहरा सदमा लगा कि उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। डॉक्टरों के अनुसार पिता की हालत अब स्थिर है, लेकिन पूरा परिवार अब भी डर और सदमे में है।
यही नहीं, इसी घर में छह साल पहले भी मुकेश की मां पार्वती बाई को कोबरा ने डस लिया था। अस्पताल ले जाते समय उन्होंने दम तोड़ दिया था। एक ही परिवार पर दो बार कोबरा का कहर टूटने से पूरे गांव में भय का माहौल है।
स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने बताया कि पिछले दो महीनों में कोटा और आसपास के इलाकों से 50 से ज्यादा कोबरा पकड़े जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि बरसात के बाद सांप अक्सर बिलों से निकलकर सूखी और गर्म जगहों की तलाश में घरों में घुस आते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अगर कहीं सांप दिखे तो तुरंत स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचना दें और खुद से पकड़ने या भगाने की कोशिश न करें। साथ ही सांप के काटने पर झाड़.फूंक या देसी इलाज के बजाय सीधे अस्पताल जाएं, क्योंकि कोबरा का जहर बेहद खतरनाक होता है और मिनटों में जान ले सकता है।