राजस्थान के झालावाड़ में हुए उप चुनावों में कांग्रेस ने भाजपा को करारी शिकस्त दी है।
झालावाड़ के भवानीमंडी में वार्ड 12 के पंचायत समिति सदस्य के लिए हुए उप चुनावों में कांग्रेस ने भाजपा को करारी मात देकर सीट छीन ली है। नाहरघटटा व आंकखेड़ी पंचायत क्षेत्र में हुए उपचुनावों में कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। उपखंड अधिकारी डॉ. राकेश कुमार मीणा ने बताया कि कांग्रेस की ममता बाई को 1591 वोट मिले। जबकि भाजपा की आनन्दबाई को 1188 मत मिले। वहीं 136 मतदाताओं ने नोटा का इस्तेमाल किया। मतगणना के बाद कांग्रेस प्रत्याशी ममता बाई को 403 मतों से विजयी घोषित किया गया।
चुनाव प्रचार में करना पड़ा था विरोध का सामना
पंचायत समिति सदस्य के लिए हुए उप चुनावों में भाजपा प्रत्याशी का प्रचार करने आए विधायक रामचंद्र सुनारीवाल को लोगों के तीखे विरोध का सामना भी करना पड़ा था। उसी समय तय हो गया था कि इस बार इस सीट पर भाजपा प्रत्याशी दोबारा जीत दर्ज नहीं करा सकेगा। यहां के लोग भवानीपुरा से मिश्रोली तक सड़क नहीं बनाने के चलते विधायक रामचन्द्र सुनारीवाल से खासे नाराज थे। जिसका जवाब उन्होंने सीट हराकर दिया।
दलित विरोधी है भाजपा सरकारः भरतसिंह
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के दिग्गज नेता और राजस्थान सरकार के पूर्व मंत्री भरत सिंह ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा की सरकार दलितों की विरोधी सरकार है। जिसके चलते राजस्थान का दलित खून के आंसू रो रहा है। पूर्व मंत्री भरतसिंह कलक्ट्री के बाहर देहात जिला कांग्रेस एससी विभाग की ओर से आयोजित धरने को सम्बोधित कर रहे थे। महिला कांग्रेस की ओर से नवरात्रि में सरकार के खिलाफ 9 दिनों तक विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई गई थी। यह धरना इसी का हिस्सा था। महिला कांग्रेस की कोटा ग्रामीण जिलाध्यक्ष सरोज मीणा ने कहा कि अब भाजपा के कुशासन को उखाड फैंकने का समय आ गया है ।
लेखाकर्मियों ने भी खोला सरकार के खिलाफ मोर्चा
राजस्थान एकाउंटटेंट एसोसिएशन ने भी प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। लेखा संवर्ग के कर्मचारियों ने एडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर सरकार को चेताया कि छठे वेतनमान की विसंगतियां अभी तक दूर नहीं हुई है। इससे लेखा संवर्ग में असंतोष है। जिलाध्यक्ष दिनेश जैन ने कहा कि लेखा सेवा में टू टायर सिस्टम लागू करने की वर्षों पुरानी मांग को नहीं लागू नहीं किया जा रहा है, जबकि इसमें कोई वित्तीय भार सरकार पर नहीं पड़ेगा। वहीं पदोन्नति संबंधित मांगें पूरी नहीं हुई। उन्होंने कहा, यदि मांगें पूरी नहीं हुई तो आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।