संभागीय आयुक्त ने लॉक डाउन पालना को लेकर ली समीक्षा बैठक, बोले नहीं मानें तो सख्त कार्रवाई करें
कोटा. संभागीय आयुक्त एल.एन सोनी ने मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों की बैठक लेकर कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लॉक-डाउन के दौरान सुधार की स्थिति एवं आमजन के जीवन पर पडऩे वाले प्रभाव की समीक्षा की।
संभागीय आयुक्त ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकना पहली प्राथमिकता है। इसके चेन सिस्टम को तोडऩे के लिए नागरिकों का घर रहना और संदिग्ध लोगों की पहचान कर आइसोलेशन में रखना आवश्यक है। लॉक-डाउन में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतें। उन्होंने कहा कि अनावश्यक घरों से बहार निकलने वाले नागरिकों की समझाइश कर घरों में रहने के लिए पाबन्द करें। निर्देर्शों की पालना नहीं करने वाले नागरिकों व वाहन चालकों के खिलाफ कार्यवाही करें। जिला स्तर से लेकर ग्राम पंचायत स्तर पर सभी विभागों के कार्मिकों को सतर्कता के साथ कार्य करने लिए प्रेरित करें। जिससे कोरोना का वायरस के चेन सिस्टम को जल्दी तोड़ा जा सके।
उन्होंने ग्राम पंचायतवार भी अन्य प्रदेशों से आने वाले नागरिकों की पहचान और होम आइसोलेशन की निगरानी के लिए कार्मिकों को पाबन्द करने के निर्देश दिए।
आईजी रविदत्त गौड़ ने कहा, जिले की सीमाओं को सील किया गया है। बिना अनुमति के सवारी वाहन नहीं चलने चाहिए। जिला कलक्टर ओम कसेरा ने कहा कि जिला नियंत्रण कक्ष पर आने वाली प्रत्येक सूचना का समय पर सत्यापन कर त्वरित कार्यवाही की जाए। कोई भी संदिग्ध अभी तक कोरोना पॉजिटिव नहीं पाया गया है। बैठक में पुलिस अधीक्षक शहर गौरव यादव, ग्रामीण राजन दुष्यंत, अतिरिक्त कलक्टर प्रशासन नरेन्द्र गुप्ता, शहर आरडी मीणा, प्रशासक नगर निगम वासुदेव मालावत, आईएएस अतुल प्रकाश सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।
ग्राम पंचायत तक नियंत्रण कक्ष
संभागीय आयुक्त ने कहा, ग्राम पंचायतों में राजीवगांधी सेवा केन्द्रों को भी ग्राम के नियंत्रण कक्ष के रूप में शुरू किया जाए। जिससे स्थानीय नागरिकों को जागरूक कर आवश्यकताओं के समय लोगों को सहायता मिल सके।
जरूरी सेवाएं प्रभावित नहीं हो
संभागीय आयुक्त ने कहा कि लॉक-डाउन के दौरान आवश्यक सेवाएं प्रभावित नहीं हो इसका भी ध्यान रखा जाए। मेडिकल सामग्री की सप्लाई, किराने की दुकान, दूध, सब्जियों की आवक बाधित नहीं हो। उन्होंने कहा कि कोटा शहर में कोचिंग विद्यार्थी रहते हैं। ऐसे में उन्हें भी भोजन की परेशानी नहीं हो, दैनिक मजदूर, जरूरतमंद लोगों को भोजन की व्यवस्था भामाशाहों के सहयोग से की जाए।