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Rajasthan: ‘जो हास्य-परिहास हो रहा ठीक नहीं’… स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर आया धीरेंद्र शास्त्री का बयान, बता दिया समाधान

बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इन दिनों राजस्थान के कोटा में कथा कर रहे हैं। इस बीच उन्होंने प्रयागराज माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर चल रहे विवाद पर बड़ा बयान दिया है।
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Jan 24, 2026
Avimukteshwaranand controversy
फोटो-पत्रिका

कोटा। प्रयागराज माघ मेले में ज्योतिषपीठ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच चल रहा विवाद लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इस मामले पर अब बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने संयम, संवाद और आपसी सहमति पर जोर दिया है। राजस्थान के कोटा में चल रही अपनी कथा के दौरान मीडिया से बातचीत में धीरेंद्र शास्त्री ने साफ कहा कि इस पूरे विवाद में किसी भी तरह का हास्य-परिहास सनातन धर्म की गरिमा के अनुरूप नहीं है।

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि इस विवाद में दोनों पक्ष सनातनी हैं और अपने ही लोग हैं। ऐसे में टकराव या सार्वजनिक बयानबाजी के बजाय आपस में बैठकर बातचीत से समाधान निकालना ही बेहतर रास्ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी ऐसा कदम नहीं उठना चाहिए जिससे सनातन परंपरा का मजाक बने या समाज में गलत संदेश जाए। उनका कहना था कि आंतरिक मतभेदों को सार्वजनिक मंचों पर खींचने से लाभ की बजाय नुकसान ही होता है।

प्रयागराज नहीं जा पाए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वह स्वयं प्रयागराज नहीं जा पाए हैं और विवाद की जानकारी उन्हें मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से ही मिली है। इसके बावजूद उन्होंने अपील की कि सरकार और संत समाज मिलकर बीच का रास्ता निकालें ताकि विवाद शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो सके। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि सनातन धर्म पहले ही कई चुनौतियों से जूझ रहा है, ऐसे में आपसी विवादों से बचना समय की जरूरत है।

जेन-जी और अल्फा-बीटा पीढ़ी को सलाह

युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने सोशल मीडिया पर बढ़ती निर्भरता को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जेन जी और अल्फा-बीटा पीढ़ी आभासी दुनिया में उलझकर अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय गंवा रही है। युवाओं को उन्होंने ‘रियल लाइफ’ में सक्रिय रहने, परिवार को समय देने और अपनी जड़ों से जुड़े रहने की सलाह दी।

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'एक हिंदू, एक गाय' की परंपरा पर बोले बागेश्वर सरकार

गौ सेवा के मुद्दे पर भी धीरेंद्र शास्त्री ने अहम टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि केवल गौशालाएं खोलने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि “एक हिंदू, एक गाय” की परंपरा को फिर से जीवित करना होगा। उल्लेखनीय है कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच विवाद मौनी अमावस्या के दिन संगम क्षेत्र में आवागमन को लेकर शुरू हुआ था, जिसके बाद नोटिस और जवाबों का सिलसिला चला। अब संत समाज की ओर से संवाद और समझौते की अपील ने इस मामले में नई दिशा देने की कोशिश की है।

Updated on:
24 Jan 2026 05:39 pm
Published on:
24 Jan 2026 05:38 pm