चिकित्सकों की हड़ताल के बाद बिगडे़ हालात में मरीजों की सेवार्थ आर्मी चिकित्सकों ने रामपुरा अस्पताल में मोर्चा संभाला और रोगियों का उपचार किया।
कोटा . सेवारत चिकित्सकों की हड़ताल के बाद बिगडे़ हालात में मरीजों की सेवार्थ आर्मी के चिकित्सकों ने रामपुरा जिला अस्पताल में मोर्चा संभाला और रोगियों का उपचार किया। आर्मी के चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि उन्होंने शनिवार व रविवार को मरीजों का चेकअप किया और उचित परामर्श दिया।
उन्होंने बताया कि आर्मी हॉस्पिटल कोटा के 4 चिकित्सकों ने सेवाएं दी। इसमें दो शिशु रोग विशेषज्ञ व दो फिजिशियन शामिल हैं। शनिवार को २०० रोगियों को व रविवार को करीब 100 रोगियों का उन्होंने उपचार किया। उनके साथ 8 चिकित्साकर्मी भी थे जो रोगियों की मदद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जब तक हड़ताल जारी रहेगी रोगियों को यहां देखा जाएगा।
दो डॉक्टर्स ने किया ज्वॉइन
रामपुरा जिला अस्पताल प्रभारी डॉ. जेएल जेठवानी ने बताया कि रविवार को दो चिकित्सकों ने ज्वॉइन किया है, इनमें मेडिसिन से डॉ. एमपी गुप्ता व एनेस्थीसिया के डॉ. एसपी कंजोलिया शामिल हैं। रविवार को इन डॉक्टर्स ने अपनी सेवाएं दी हैं।
पसरा रहा सन्नाटा
हड़ताल के कारण तीनों अस्पताल एमबीएस, जेके लोन व न्यू मेडिकल कॉलेज में भी मरीजों का आना कम हो गया है। अस्पतालों में सन्नाटा पसरने लगा है। एक सप्ताह पहले जहां ये मरीजों से भरे पड़े रहते थे, अब चुनिंदा मरीज ही पहुंच रहे हैं।
इस कारण पर्ची काउंटर, मुख्यमंत्री नि:शुल्क जांच योजना व सेन्ट्रल लैब के बाहर मरीजों की संख्या नगण्य सी दिखी। इंडोर में भी भर्ती मरीजों को सुबह राउंड में ही सीनियर चिकित्सक देख पा रहे हैं। उसके बाद एएनएम-जीएनएम के भरोसे ही छोड़ा जा रहा है।
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आईएमए: समर्थन में बांधी काली पट्टी
सेवारत चिकित्सकों की हड़ताल का समर्थन करते हुए रविवार को आईएमए से जुड़े चिकित्सकों ने ने हाथों में काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। अध्यक्ष डॉ. जसवंत सिंह ने बताया कि कोटा में आठ सौ सदस्यों ने हाथों में काली पट्टी बांधी। हड़ताल को लेकर सरकार के निर्णय तक विरोध जारी रहेगा।