क्षेत्र के कजलिया गांव में मंगलवार को एक किसान ने मौत को गले लगा लिया। मृतक किसान ने मुनाफे से लहसुन की खेती की थी।
इटावा. क्षेत्र के कजलिया गांव में मंगलवार को एक किसान ने मौत को गले लगा लिया। मृतक किसान ने मुनाफे से लहसुन की खेती की थी। फसल बेचने पर उसे अच्छे भाव नहीं मिले थे। किसान पर करीब 10 लाख रुपए का कर्जा था। पुलिस के अनुसार कजलिया गांव के किसान लक्ष्मीचंद सुमन (40) ने 10 बीघा जमीन मुनाफे से की थी। जिसमें लहसुन की फसल उगाई थी, लेकिन इस बार नहर का पानी समय पर नहीं मिलने के कारण उत्पादन कम हुआ। साथ ही बेची गई फ सल का मूल्य भी कम मिला।
मृतक किसान मजदूरों व कर्ज केरुपए चुकाने को लेकर परेशान था। मंगलवार को सुबह वह खेत पर रखवाली करने गया था और वहां कीटनाशक खा लिया। बाद में परिजन खेत पर पहुंचे तो वह अचेत मिला। इलाज के लिए कोटा ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई।
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मृतक के भाई दिनेश ने बताया कि मृतक पर लगभग 10 लाख से अधिक का कर्जा है। जिससे वह परेशान था।मृतक के दो पुत्र एवं एक पुत्री हैं। वह काफी समय से उनके विवाह को लेकर चिन्तित था।
Big News: लहसुन के भाव सुन किसान को लगा सदमा, जहर खाकर दी जान
गौरतलब है कि गत बुधवार को बारां जिले के रहलाई गांव में एक किसान को लहसुन के भाव इतना सदमा लगा की वह घर आकर देर रात जहर खाकर जान दे दी। वहीं, झालावाड़ जिले के वाजिंदपुरा गांव के किसान ने शनिवार देर शाम कीटनाशक पीकर आत्महत्या का प्रयास किया। उसका झालावाड़ एसआरजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। परिजनों ने बताया कि बदेसिंह लोधा (40) मंडी में लहसुन के दाम कम से परेशान था। उसने देर शाम खेत पर ही कीटनाशक पीकर आत्महत्या का प्रयास किया। अस्पताल में वह जिदंगी और मौत से जूझ रहा है।