Kota Housing News: उल्लेखनीय है कि बढ़ती महंगाई के दौर में साढ़े चार लाख में घर मिलना किसी चमत्कार से कम नहीं है। वह भी पक्की सड़क, बिजली, पानी, पार्क और अन्य सुविधाओं के साथ।
KDA News: क्या आपने कभी सोचा है कि जितने पैसों में आज के दौर में एक अच्छी कार आती हैए उतने में ही आपका अपना सपनों का घर भी मिल सकता है ? जी हां, शिक्षा नगरी कोटा के उन हजारों लोगों के लिए आज की सुबह एक बड़ी खुशखबरी लेकर आई है जो सालों से किराये के कमरों में रहकर अपना घर बसाने का सपना देख रहे थे।
कोटा विकास प्राधिकरण यानी केडीए ने झालावाड़ रोड स्थित जगपुरा में एक बेहद सस्ती और आधुनिक आवासीय योजना लॉन्च की है। इस योजना का औपचारिक शिलान्यास शनिवार को किया गया। यह योजना कोटा शहर को स्लम फ्री बनाने की ओर एक बड़ा कदम बताई जा रही है।
इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात इसकी कीमत और मिलने वाली सब्सिडी है। जगपुरा में कुल 832 फ्लैट्स बनाए जा रहे हैं। दो से तीन अलग-अलग कैटेगिरी में इन फ्लैट को बनाया जारहा है। सबसे कम ईड्ब्लयूएस श्रेणी यानी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए बन रहे फ्लैट की वास्तविक कीमत 6.98 लाख रुपये है। लेकिन केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली 2.50 लाख रुपये की सब्सिडी के बाद, यह घर आपको मात्र 4.48 लाख रुपये में मिलेगा। इसी तरह एलआईजी फ्लैट्स भी बनाए जा रहे हैं, मध्यम आय वर्ग के लिए बने इन फ्लैट्स की कीमत 10.72 लाख रुपये रखी गई है। ईडब्ल्यूएस के लिए 544 और बाकि फ्लैट एलआईजी वर्ग के लिए बन रहे हैं। यह योजना 37 हजार वर्ग मीटर से भी ज्यादा एरिया में फैली है।
जगपुरा की यह लोकेशन झालावाड़ रोड पर होने के कारण भविष्य के लिहाज से बेहद प्राइम मानी जा रही है। करीब 42 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इन फ्लैट्स में न केवल पक्की सड़कें, बिजली और पानी की व्यवस्था होगी, बल्कि बच्चों के खेलने के लिए पार्क और कम्युनिटी सेंटर जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी। फ्लैट्स का साइज 325 से 500 वर्गफीट के बीच होगा।
अगर आप भी इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो इसकी आवेदन प्रक्रिया बेहद आसान रखी गई है। आप कोटा विकास प्राधिकरण यानी केडीए की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं।आवेदन के लिए आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, मूल निवास और बैंक डिटेल्स जरूरी हैं। मकानों का आवंटन पूरी तरह पारदर्शी तरीके से यानी लॉटरी सिस्टम के जरिए किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि बढ़ती महंगाई के दौर में साढ़े चार लाख में घर मिलना किसी चमत्कार से कम नहीं है। वह भी पक्की सड़क, बिजली, पानी, पार्क और अन्य सुविधाओं के साथ।