कोटा

रतलाम-कोटा मेमू ट्रेन पर गिरा बिजली का तार, जोरदार स्पार्किंग और तेज धमाकों से घबरा गए यात्री, मची भगदड़

मध्यप्रदेश के महिदपुर रोड रेलवे स्टेशन पर रतलाम-कोटा मेमू ट्रेन के ऊपर ओएचई का बिजली का तार टूटकर गिरने से तेज स्पार्किंग हुई और धमाके की आवाज आने के बाद आग लग गई जिससे यात्रियों में भगदड़ मच गई।
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Aug 03, 2026
Ratlam Kota Memu Train
घटना की फोटो: पत्रिका

Ratlam-Kota Memu Train: मध्यप्रदेश के महिदपुर रोड रेलवे स्टेशन पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब रतलाम-कोटा मेमू ट्रेन (19103) के ऊपर अचानक ओवरहेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) का तार टूटकर गिर गया। इस घटना के बाद इंजन के ऊपर तेज स्पार्किंग होने लगी और लगातार धमाकों की आवाज सुनाई देने लगी। कुछ ही क्षणों में इंजन के पास आग की लपटें भी दिखाई दीं जिससे स्टेशन पर मौजूद यात्रियों में दहशत फैल गई। अचानक हुए धमाकों और धुएं को देखकर ट्रेन में बैठे यात्री अपनी सीटें छोड़कर बाहर निकलने लगे। कई लोग प्लेटफॉर्म की ओर भागे जबकि वहां पहले से मौजूद यात्रियों में भी भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। घटना के समय पास की लाइन पर एक अन्य यात्री ट्रेन भी खड़ी थी। तेज आवाज और आग देखकर उस ट्रेन में बैठे लोग भी घबरा गए और कई यात्री एहतियात के तौर पर नीचे उतर गए।

ऐसे पाया स्पार्किंग और आग पर काबू

कुछ देर बाद बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई जिससे स्पार्किंग और आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि इस दौरान मेमू ट्रेन का पैंटोग्राफ क्षतिग्रस्त हो गया और ओएचई लाइन के कुछ उपकरण भी खराब हो गए। सूचना मिलते ही रेलवे के तकनीकी कर्मचारी मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त तार की मरम्मत शुरू की। आवश्यक काम पूरा होने के बाद ट्रेन को दोबारा कोटा के लिए रवाना किया। इस पूरी प्रक्रिया में ट्रेन करीब 2 घंटे 20 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही।

रेलवे प्रशासन ने बताया कि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पहले तार टूटा या पहले स्पार्किंग हुई। घटना के कारणों का पता लगाने के लिए कोटा मंडल की ओर से सुपरवाइजर स्तर की जांच समिति बनाई गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी अलग-अलग हैं, इसलिए तकनीकी जांच के बाद ही वास्तविक कारण सामने आएगा।

यात्रियों ने राहत जताई कि 11 हजार वोल्ट की ओएचई लाइन टूटने के बावजूद कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। समय रहते बिजली सप्लाई बंद होने से आग ज्यादा नहीं फैली और कोई भी यात्री चिंगारियों या करंट की चपेट में नहीं आया।

कोलकाता में भी हुई थी ऐसी घटना

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित दक्षिणेश्वर रेलवे स्टेशन पर भी इसी तरह की घटना हुई थी। वहां भी ओएचई तार टूटकर एक लोकल ट्रेन पर गिर गया था, जिससे स्पार्किंग और भगदड़ की स्थिति बन गई थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बाद रेलवे की विद्युत व्यवस्था और सुरक्षा मानकों पर सवाल उठने लगे हैं।

Updated on:
03 Aug 2026 12:39 pm
Published on:
03 Aug 2026 12:31 pm