Historysheeter Kalu Bhadak: कोटा में रानपुर थाना पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर कालू भड़क को 7 अवैध हथियार और 27 जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया कि वह अपने दोस्त देवा गुर्जर की हत्या का बदला लेने की तैयारी कर रहा था।
Rajasthan Crime: कोटा के रानपुर थाना पुलिस ने 12 फरवरी को हिस्ट्रीशीटर कालू भड़क को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उसके कब्जे से 7 हथियार और 27 जिंदा कारतूस बरामद किए थे। इनमें दो देसी पिस्टल मय मैगजीन, चार अतिरिक्त मैगजीन तथा पांच देसी कट्टे शामिल हैं।
इतनी बड़ी मात्रा में हथियार मिलने के बाद पुलिस ने अंदेशा जताया कि आरोपी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में था। गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से पुलिस ने उसे रिमांड पर लिया। आरकेपुरम सीआइ रामविलास मीणा ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि कालू भड़क अपने दोस्त हिस्ट्रीशीटर देवा गुर्जर की हत्या का बदला लेने की योजना बना रहा था। वह कथित रूप से देवा के हत्यारों बाबू गुर्जर और कालू गुर्जर व अन्य इसके साथियों को मारने की फिराक में था। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार कालू भड़क और बोराबास निवासी देवा गुर्जर करीबी मित्र थे। 5 अप्रेल 2022 को रावतभाटा में बाबू गुर्जर और कालू गुर्जर ने अपने साथियों के साथ एक सैलून की दुकान में घुसकर देवा गुर्जर की हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि वर्तमान में दोनों आरोपी जमानत पर बाहर हैं। इसी कारण कालू भड़क बदले की कार्रवाई की योजना बना रहा था।
इधर पुलिस ने कालू भड़क की अवैध संपत्तियों की जांच भी शुरू कर दी है। आरोप है कि उसने वन विभाग और अन्य सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर भवन निर्माण करवा रखा है। पुलिस इन संपत्तियों की सूची तैयार कर रही है और प्रशासनिक कार्रवाई के तहत इन्हें ध्वस्त करने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार उसकी संपत्तियों को चिन्हित कर लिया गया है और जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
सीआइ ने बताया कि पूछताछ में कालू भड़क ने धर्मपाल शर्मा उर्फ धर्मा सहित चार अन्य लोगों के नाम बताए हैं, जिनसे उसने हथियार खरीदे थे। ये सभी आरोपी फायरिंग और चौमू में शराब की दुकान जलाने व फायरिंग के मामले में जयपुर जेल में बंद थे।
पुलिस उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर कोटा लेकर आई है। बुधवार को उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया जाएगा, ताकि हथियारों की सप्लाई और स्रोत के बारे में पूछताछ की जा सके। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि फरारी के दौरान ये आरोपी कोटा आए थे और उसी समय हथियार यहां लाए गए। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।