
पीडि़ता ने दादाबाड़ी थाने में शुक्रवार रात दर्ज करवाई रिपोर्ट में बताया कि 28 मई को वह परिवार के लोगों के साथ शादी समारोह में नैनवां गई थी। वहां से पति, जेठ व देवर के साथ वापस कोटा आ गई। सास व ससुर नैनवां ही रुक गए। उसी रात उसका पति किसी कार्य से दो घंटे के लिए बाहर चला गया। जहां उसके जेठ ने उससे बलात्कार किया तथा किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी।
दूसरे दिन देवर ने उससे छेड़छाड़ की। इस बारे में जब उसने उसके पति को बताया तो उसने किसी को इस बारे में बताने पर जान से मारने की धमकी दी। अगले दिन सास व ससुर आ गए। उसने उन्हें जानकारी दी तो उन्होंने उसका मोबाइल छीन लिया तथा जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद से उन्होंने उसे बंधक बनाए रखा तथा कई बार मारपीट की व यातनाएं दी।