
देश के 23 आइआइटी और आइआइएससी बेंगलूरु में स्नातक, इंटीग्रेटेड और ड्यूल डिग्री पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए जोसा काउंसलिंग-2026 की सीट आवंटन प्रक्रिया पूरी हो गई है। अंतिम राउंड-5 के आंकड़ों के विश्लेषण से सामने आया कि देश के शीर्ष रैंक वाले विद्यार्थियों का रुझान अभी भी पारंपरिक इंजीनियरिंग शाखाओं की ओर है, जबकि बेसिक साइंस (बीएस) पाठ्यक्रमों में उनकी रुचि बेहद सीमित है।
आइआइटी बॉम्बे, आइआइटी दिल्ली, आइआइटी कानपुर, आइआइटी मद्रास और आइआइटी खड़गपुर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में संचालित बीएस-फिजिक्स, बीएस-कैमिस्ट्री और बीएस-बायोलॉजिकल साइंस जैसे पाठ्यक्रमों की ओपनिंग रैंक यह दर्शाती है कि जेईई एडवांस्ड-2026 के शीर्ष रैंकर्स ने इन पाठ्यक्रमों को प्राथमिकता नहीं दी। आइआइटी दिल्ली के बीएस-कैमिस्ट्री पाठ्यक्रम में प्रवेश ओपन कैटेगिरी में सीआरएल-6437 से शुरू हुआ, यानी टॉप-6436 रैंकर्स ने यह कोर्स नहीं चुना।
इसी तरह आइआइटी कानपुर के बीएस-फिजिक्स की ओपनिंग रैंक 2412 रही। इससे स्पष्ट है कि शीर्ष-2411 अभ्यर्थियों ने इस पाठ्यक्रम में रुचि नहीं दिखाई। आइआइटी मद्रास के बीएस-फिजिक्स की ओपनिंग रैंक 2603 और बीएस-बायोलॉजिकल साइंस की 6602 रही, जबकि आइआइटी खड़गपुर के बीएस-कैमिस्ट्री और बीएस-फिजिक्स की ओपनिंग रैंक क्रमश: 10041 और 6686 दर्ज की गई।
आइआइटी बॉम्बे के बीएस-मैथमेटिक्स का सबसे अधिक आकर्षण
एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा ने बताया कि बेसिक साइंस पाठ्यक्रमों में केवल आइआइटी बॉम्बे का बीएस-मैथमेटिक्स विद्यार्थियों की पहली पसंद बनकर उभरा। इस कोर्स की ओपनिंग रैंक 827 और क्लोजिंग रैंक 1042 रही, जो अन्य बीएस पाठ्यक्रमों की तुलना में कहीं बेहतर है।
बीएस-मैथमेटिक्स की लोकप्रियता का प्रमुख कारण कंप्यूटर साइंस, डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा मैनेजमेंट जैसे तेजी से उभरते क्षेत्रों में इसकी उपयोगिता है। इस पाठ्यक्रम के स्नातकों को देश-विदेश की प्रमुख कंपनियों में बेहतर कॅरियर अवसर और आकर्षक पैकेज मिलते हैं। बेसिक साइंस के अन्य विषयों में विद्यार्थियों की घटती रुचि भविष्य में शोध और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए चिंता का विषय हो सकती है।