कोटा. आयकर विभाग ने बैंकों के समान डाक खानों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
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आयकर विभाग ने बैंकों के समान डाक खानों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विभाग के अधिकारियों अब डाकखानों में सम्पर्क कर विभिन्न मदों में जमा राशि के 10 हजार से अधिक के ब्याज भुगतान पर टीडीएस कटौती की सूचनाएं संग्रहित कर रहे हैं।
ऐसे में डाक विभाग के अधिकारियों ने मुख्यालय से मार्गदर्शन मांगा है। आयकर विभाग की धारा 194-ए में प्रावधान है कि अगर किसी व्यवहारी की बैंक में जमा पूंजी पर 10 हजार रुपए से अधिक का ब्याज बन रहा है तो बैंक द्वारा व्यवहारी को ब्याज भुगतान करने से पहले पूरी ब्याज राशि का 10 फीसदी टीडीएस काट कर भुगतान करना होगा।
वित्त मंत्रालय ने इस अधिनियम में एक अप्रेल 2015 को संशोधन कर बैंक के साथ डाक खानों को भी शामिल कर दिया था। लेकिन डाक विभाग द्वारा संशोधित आदेश की तिथि के बाद से डाकखानों में जमा आरडी, ट्रेवल एजेंसियों द्वारा जमा कराए किराए के ब्याज भुगतान पर टीडीएस कटौती नहीं की जा रही थी। आयकर विभाग ने करीब दो सप्ताह पहले ही डाक विभाग से विभिन्न मदों में जमा राशि के ब्याज भुगतान पर टीडीएस कटौती के बारे में सूचनाएं मांगी गई थी।
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कोटा अधीक्षक सहायक डाक सुनील राठौर का कहना है कि डाक खाने में विभिन्न मदों में जमा राशि के ब्याज भुगतान के बारे में आयकर विभाग ने दस्तावेज मांगे हैं। इस मामले में निदेशालय से मार्गदर्शन मांगा है।
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टीडीएस आयकर अधिकारी मोहनलाल मीणा का कहना है कि अप्रेल 2015 के संशोधित आदेश में डाकखाने को भी 10 हजार से अधिक के ब्याज भुगतान पर 10 फीसदी टीडीएस कटौती अनिवार्य है। डाक विभाग द्वारा कटौती नहीं की जा रही।