
कोटा. राज्य सरकार की ओर से भले ही नगर निगम के चुनाव की फिलहाल घोषणा नहीं की गई है, लेकिन नगर निगम प्रशासन ने दो नगर निगमों के हिसाब से बंटवारा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शहर को भी दो निगम क्षेत्र के हिसाब से बांटा जा रहा है। दोनों निगम मौजूदा निगम भवन में ही चलेंगे। वित्तीय वर्ष 2020-21 का बजट दो नगर निगम के हिसाब से तैयार किया जाएगा। निगम के मौजूदा भवन में अभी महापौर, उप महापौर तथा प्रतिपक्ष नेता के तीन अलग-अलग चैम्बर बने हैं। अब कोटा दक्षिण और कोटा उत्तर नगर निगम के हिसाब से जनप्रतिनिधियों के बैठने के लिए चैम्बर तय किए जाएंगे। मौजूदा भवन दक्षिण निगम में आता है। इसलिए महापौर, उप महापौर व प्रतिपक्ष नेता का मौजूदा चैम्बर दक्षिण निगम से निर्वाचित होकर आने वाले जनप्रतिनिधियों को दिए जाएंगे। उत्तर निगम से निर्वाचित होने वाले महापौर, उप महापौर तथा प्रतिपक्ष नेता के लिए इसी भवन में चैम्बर दिए जाएंगे। दोनों निगम में एक-एक आयुक्त, तीन-तीन उपायुक्त होंगे। निगम प्राधिकारी वासुदेव मालावत ने शुक्रवार को अपने कक्ष में निगम अधिकारियों की एक बैठक ली और नई बनने जा रही कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण नगर निगमों के बजट बनाने, दोनों निगमों के जोन क्षेत्रों के निर्धारण व इनके संचालन के लिए सभी संसाधनों की उपलब्धता सहित अन्य कई व्यवस्थाओं के सम्बंध में विस्तार से चर्चा की और व्यवस्था निर्माण सम्बंधी आवश्यक निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। बैठक में उपायुक्त कीर्ति राठौड़, अशोक त्यागी व राजपाल सिंह तथा अधीक्षण अभियन्ता प्रेम शंकर शर्मा, मुख्य लेखाधिकारी संजय जैन व निगम के अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में बजटीय निर्धारण व संसाधनों के बंटवाने पर मोटे तौर पर सहमति बन गई है। सभी शनिवार को फिर बैठेंगे इसमें बंटवारे को अंतिम रूप देंगे।
बढ़ेगा बजट
निगम प्रशासन के सामने दोनों निगमों के हिसाब से बजट तैयार करना काफी चुनौतीपूर्ण है। सीमित संसाधानों में यह बजट तैयार करना है। पिछले साल के मुकाबले बजट में 20 से 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने के संभावना है, क्योंकि दो निगम के हिसाब से खर्चे बढ़ जाएंगे। पिछले साल 633 करोड़ का बजट पारित किया गया था।
नदीपार में बनेगा उत्तर निगम भवन
उत्तर नगर निगम भवन के लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी है। उत्तर विधानसभा क्षेत्र में दो-तीन जगह देखी गई है। मोटे तौर पर नदीपार क्षेत्र में ही उत्तर निगम का भवन बनने की संभावना है। नदीपार क्षेत्र विकासशील क्षेत्र है। उधर पूर्व प्रतिपक्ष नेता अनिल सुवालका का कहना है कि नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल का सम्पूर्ण शहर के विकास पर फोकस है। नदीपार क्षेत्र के विकास को लेकर हमेशा प्रयासरत है। निगम भवन नदीपार में बनने से इस क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी, साथ ही विकास को गति मिलेगी
दक्षिण निगम मालदार, उत्तर के लिए खजाना खोलेंगे धारीवाल
निगम के मौजूदा संसाधनों का बंटवारा करने की स्थिति में भी दक्षिण निगम मालदार रहेगा। मौजूदा भवन दक्षिण निगम में आता है। अग्निशमन का मुख्य कार्यालय पर दक्षिण में है। सेक्टर कार्यालय में दक्षिण अच्छे बने हुए हैं। विकास की दृष्टि से भी दक्षिण निगम काफी अच्छा है। पार्क विकसित है। चम्बल गार्डन भी दक्षिण में आ रहा है। दशहरा मैदान भी इसी निगम में आता है। नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल को उत्तर निगम के लिए खजाना खोलना होगा।