कोटा

Kota Mandi: धनतेरस से पहले कोटा मंडी में बरसा धन-धान्य, धान की आवक ढाई लाख कट्टे पार, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लगी कतारें

Kota Mandi: धनतेरस से पहले ही कोटा की भामाशाहमंडी में धन-धान्य की बरसात हो रही है। खरीफ सीजन में अच्छी पैदावार के चलते मंडी में कृषि जिंसों की रिकॉर्ड आवक हुई है। गुरुवार को अकेले धान की आवक ढाई लाख कट्टे के पार पहुंच गई, जबकि कुल आवक साढ़े तीन लाख कट्टे रही।
2 min read
• •
Updated: 5 Nov 2026, 5:35 PM IST
Kota Mandi
Kota Mandi: कृषि उपज से भरी मंडी (फोटो-पत्रिका)

कोटा। धनतेरस के एक दिन पहले भामाशाहमंडी अनाज से अट गई है। इस सीजन में गुरुवार को धान की सर्वाधिक आवक हुई है। आवक का आंकड़ा ढाई लाख कट्टे पार हो गया है। कुल आवक साढ़े तीन लाख कट्टे जिन्स की हुई है। मंडी में इन दिनों किसानों की उपज लेकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, पिकअप और अन्य वाहनों की कतारें लगी हुई हैं। हालात यह हैं कि कई बार मंडी परिसर में जगह कम पड़ने से वाहनों को बाहर तक इंतजार करना पड़ता है। मंडी में बढ़ती आवक से व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आई है। वहीं, अच्छी पैदावार और उपज के उचित भाव मिलने से किसानों के चेहरों पर भी खुशी नजर आ रही है।

हाड़ौती को प्रदेश का प्रमुख कृषि उत्पादन क्षेत्र माना जाता है। यहां कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिलों में खरीफ सीजन में धान, सोयाबीन, मक्का, उड़द सहित कई कृषि जिंसों का उत्पादन होता है। इस बार अनुकूल मौसम और खेतों में अच्छी फसल होने से किसानों के पास बेचने के लिए पर्याप्त उपज है। इसका असर सीधे भामाशाहमंडी में कृषि जिंसों की आवक पर दिखाई दे रहा है।

मंडी में हर तरफ अनाज ही अनाज

भामाशाहमंडी में सुबह होते ही कृषि जिंसों से भरे वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाती है। किसान अपनी उपज लेकर मंडी पहुंचते हैं। मंडी में प्रवेश से लेकर तुलाई, नीलामी और भराई तक की प्रक्रिया में बड़ी संख्या में श्रमिक, हम्माल, मुनीम और व्यापारी जुटे रहते हैं। मंडी परिसर में दिनभर चहल-पहल बनी रहती है। आवक अधिक होने से मंडी के सभी प्रमुख प्लेटफॉर्म पर जिंसों के ढेर नजर आ रहे हैं। पूरी मंडी में हर तरफ अनाज ही अनाज दिख रहा है।

किसानों की जेब में पहुंच रही उपज की कमाई

इस बार बम्पर उत्पादन से किसानों के पास बेचने के लिए अधिक उपज पहुंच रही है। मंडी में फसल बेचने के बाद किसानों को नकद भुगतान और बैंक खातों के माध्यम से राशि मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी पैसा पहुंच रहा है। फसल की कमाई से किसान खाद-बीज, कृषि उपकरण, घरेलू जरूरतों और बच्चों की पढ़ाई पर खर्च कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि अच्छी पैदावार के साथ यदि बाजार में उपज के बेहतर भाव मिलते हैं तो पूरे साल की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। हालांकि, उत्पादन बढ़ने के साथ मंडी में आवक का दबाव भी बढ़ा है। ऐसे में किसानों को तुलाई, नीलामी और उपज के उठाव में अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।

व्यापारियों के कारोबार में भी तेजी

मंडी में कृषि जिंसों की बम्पर आवक से व्यापारियों के कारोबार में तेजी आई है। धान, सोयाबीन, मक्का और अन्य जिंसों की खरीद के लिए व्यापारी सक्रिय हैं। मंडी में अधिक आवक होने से स्थानीय स्तर पर परिवहन, हम्माली, तुलाई, पैकिंग और लोडिंग से जुड़े लोगों को भी रोजगार मिल रहा है।

यह वीडियो भी देखें :

Updated on:
5 Nov 2026, 5:35 PM IST
Published on: