
कोटा। कोटा नगर निगम में महापौर के बाद उपमहापौर पद पर भी भाजपा ने कब्जा बरकरार रखा है। भाजपा के विवेक राजवंशी कोटा के नए डिप्टी मेयर चुने गए। जीत की घोषणा के बाद मेयर अनुसुईया गोस्वामी भी निगम पहुंची और डिप्टी मेयर को बधाई दी। कांग्रेस ने डिप्टी मेयर चुनाव के बहिष्कार का ऐलान किया था। ऐसे में कांग्रेस की ओर से नामांकन की तय समय सीमा तक कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं उतरा गया। सिर्फ एक ही नामांकन आने के चलते भाजपा के विवेक राजवंशी को डिप्टी मेयर घोषित किया गया। उनके डिप्टी मेयर बनने से भाजपा समर्थकों में खुशी की लहर है। विवेक राजवंशी के डिप्टी मेयर बनने से पहले मेयर अनुसुईया गोस्वामी ने कहा था कि कोटा में कांग्रेस विकलांग हो चुकी है और हम निर्विरोध चुनाव जीतेंगे।
बता दें कि विवेक राजवंशी वार्ड 54 से भाजपा पार्षद हैं। उन्होंने कांग्रेस के मनीष शर्मा को 2206 वोट से हराया था। विवेक राजवंशी कोटा की स्थानीय राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। वे चौथी बार पार्षद बने है। पिछले नगर निगम बोर्ड में उन्होंने नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी संभाली थी। राजवंशी कोटा दक्षिण क्षेत्र से आते हैं और भाजपा की स्थानीय राजनीति में उनका प्रभाव है।
राजवंशी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ एवं निष्ठावान कार्यकर्ता माने जाते हैं। विवेक राजवंशी के पास पीएचडी की उपाधि है। इसके साथ ही वे सिविल इंजीनियर भी हैं। राजवंशी भारतीय जनता पार्टी में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य भी रह चुके हैं। इसके अलावा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की कोर कमेटी के मुख्य सदस्य माने जाते हैं। कोटा शहर में सामाजिक और राजनीतिक रूप से अच्छी पकड़ है। पिछले निगम चुनाव में राजवंशी ने महापौर का चुनाव लड़ा था, लेकिन वे दो वोट से हार गए थे। लेकिन, इस बार वे डिप्टी मेयर चुने गए है।
पिछले निगम बोर्ड में वे दशहरा मेला समिति के अध्यक्ष थे। उनके कार्यकाल में कोटा के राष्ट्रीय दशहरा मेले को नई पहचान दिलाने की दिशा में कई काम हुए। विश्व में सबसे ऊंचे रावण के पुतले का रिकॉर्ड भी इनके कार्यकाल में दर्ज हुआ था। दशहरा मेले को बड़े स्तर पर आयोजित कराने में उनकी भूमिका चर्चा में रही थी।